वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज पर मिसाइल, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला किया गया, तो अमेरिका इसका सीधा जवाब देगा। ट्रम्प ने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान के रणनीतिक पुलों और बिजलीघरों को निशाना बनाया जाएगा, चाहे वे तेहरान के भीतर हों या उसके आसपास।
बता दें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों और वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि देश अपने वीर जवानों का बलिदान कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा- “हम आज अपने उन सैनिकों को सम्मान देने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई। राष्ट्रपति के तौर पर मेरे लिए यह सबसे कठिन क्षणों में से एक है। ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।”

ट्रम्प के इस बयान को अमेरिका की आगे की सैन्य रणनीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
ईरान के पांच शहरों पर अमेरिका की एयर और मिसाइल स्ट्राइक
ईरानी मीडिया के अनुसार, सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका ने लगातार 11वीं रात ईरान के कई ठिकानों पर बड़े हमले किए। जिसमें चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह में एयर और मिसाइल स्ट्राइक की गई। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
जॉर्डन ने मार गिराए ईरानी ड्रोन
वहीं जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहे ईरान के चार हमलावर ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। सेना के मुताबिक इस कार्रवाई में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और मलबे वाले इलाकों को सुरक्षित कर लिया गया है।

होर्मुज स्ट्रेट के लार्क द्वीप पर हमले का दावा
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट स्थित लार्क द्वीप पर मिसाइल हमला किया। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि नुकसान का आकलन करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
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ईरान का पलटवार
साथ ही ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला कर दो हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त किए और कई सैन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया। ईरान का यह भी कहना है कि हमले में MQ-9 रीपर ड्रोन को भी निशाना बनाया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
लगातार हो रहे हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और कड़ी चेतावनियों के बीच मध्य-पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या दोनों देशों के बीच तनाव कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ेगा या संघर्ष और तेज होगा।

