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राज्यसभा में आज पेपर लीक बिल पर चर्चा, विपक्ष करेगा सरकार का घेराव

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक-2026 पेश किया जाएगा। इस विधेयक पर दोपहर 2 बजे से करीब सात घंटे तक चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद मुकुल वासनिक समेत विपक्ष के कई नेता बहस में हिस्सा लेंगे।

दो मुद्दों पर विपक्ष का प्रदर्शन

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसद सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करेंगे। विपक्ष का विरोध मुख्य रूप से दो मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। पहला, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई, और दूसरा, अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला।

लोकसभा से पारित हो चुका है विधेयक

पेपर लीक से जुड़ा यह संशोधन विधेयक बुधवार को लोकसभा में करीब सात घंटे की चर्चा के बाद पारित हो गया था। सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल सजा और जुर्माना बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी आवश्यकता है।

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मनीष तिवारी ने उठाया दलबदल कानून का मुद्दा

इस बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून में बदलाव कर ऐसा कानूनी ढांचा तैयार किया जाए, जिससे अवसरवादी राजनीतिक दलबदल पर रोक लगे और सांसदों-विधायकों की वैचारिक असहमति की अभिव्यक्ति भी सुरक्षित रह सके।

सुप्रीम कोर्ट ने भी उठाए सवाल

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद कपिल सिब्बल की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में संविधान की दसवीं अनुसूची के उस प्रावधान को चुनौती दी गई है, जिसके तहत पार्टी विलय की स्थिति में विधायक या सांसद अयोग्यता से बच सकते हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने भी दलबदल कानून के मौजूदा स्वरूप पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस विषय पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

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