वॉशिंगटन/गाजा: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हमास और इजराइल के बीच एक व्यापक शांति समझौते पर सहमति बन गई है। ट्रम्प के मुताबिक, इस समझौते के तहत हमास और अन्य हथियारबंद संगठन चरणबद्ध तरीके से अपने हथियार छोड़ेंगे, जबकि इसके बदले इजराइली सेना भी धीरे-धीरे गाजा से पीछे हटेगी। हालांकि, ट्रम्प के इस दावे की हमास और इजराइल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा पूरा प्लान
ट्रम्प के अनुसार, समझौते को कई चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में हमास अपने हथियार सौंपना शुरू करेगा। इसके साथ ही इजराइली सेना भी निर्धारित क्षेत्रों से पीछे हटना शुरू करेगी। इसके बाद गाजा की सुरक्षा की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्टेबलाइजेशन फोर्स, नई फिलिस्तीनी पुलिस और प्रस्तावित नई फिलिस्तीनी सरकार को सौंपी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति और प्रशासनिक स्थिरता स्थापित करना बताया जा रहा है।
14 दिनों की प्रक्रिया शुरू होने का दावा
द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि हमास द्वारा हथियार छोड़ने की सहमति पर अमल होता है, तो अगले 14 दिनों के भीतर समझौते के प्रत्येक चरण की समय-सीमा और प्रक्रिया तय की जाएगी। इस दौरान सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।
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ईरान पर भी लगाया बड़ा आरोप
साथ ही एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान चाहता था कि हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार न करे। अधिकारी के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधिकारियों ने कथित तौर पर हमास प्रतिनिधिमंडल से समझौते में जल्दबाजी न करने की सलाह दी थी। हालांकि, अधिकारी का दावा है कि मौजूदा हालात और गाजा की स्थिति को देखते हुए हमास ने अंततः इस प्रस्ताव को स्वीकार करने का फैसला लिया।
दुनिया की नजर अब अगले कदम पर
यदि ट्रम्प का दावा सही साबित होता है, तो यह गाजा संघर्ष में अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक और सुरक्षा समझौता माना जा सकता है। हालांकि, इस समझौते के प्रभावी होने के लिए संबंधित सभी पक्षों की आधिकारिक पुष्टि और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सबसे अहम होगा। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

