मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड में दो बड़ी नियुक्तियां हुई हैं। ISRO के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ को अंशकालिक गैर-आधिकारिक निदेशक बनाया गया है, जबकि उद्योगपति आनंद महिंद्रा को भी अगले चार साल के लिए इसी पद पर दोबारा नियुक्त किया गया है। दोनों की नियुक्ति 20 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है।
केंद्र सरकार ने देश के वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े नीतिगत फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले RBI केंद्रीय बोर्ड में एस सोमनाथ और आनंद महिंद्रा को शामिल किया है। दोनों का कार्यकाल चार साल का होगा।
अंतरिक्ष से RBI बोर्ड तक एस सोमनाथ का सफर
ISRO के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है। जनवरी 2025 में ISRO प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वह वर्तमान में बेंगलुरु के पास स्थित चाणक्य विश्वविद्यालय के चांसलर हैं।
अब RBI के केंद्रीय बोर्ड में उनके प्रशासनिक, तकनीकी और रणनीतिक अनुभव का उपयोग देश की बैंकिंग और वित्तीय नीतियों से जुड़े मामलों में होगा। उनकी नियुक्ति को विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अनुभव को आर्थिक नीति निर्माण से जोड़ने के रूप में भी देखा जा रहा है।
आनंद महिंद्रा पर सरकार ने फिर जताया भरोसा
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को RBI केंद्रीय बोर्ड में अंशकालिक गैर-आधिकारिक निदेशक के रूप में दोबारा नियुक्त किया गया है। उद्योग और कॉरपोरेट जगत में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें अगले चार वर्षों के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी मौजूदगी से औद्योगिक विकास, कॉरपोरेट सेक्टर और व्यापक आर्थिक नीतियों से जुड़े विषयों पर बोर्ड को अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड में कई अनुभवी सदस्य शामिल
RBI के केंद्रीय बोर्ड में कई अन्य अनुभवी हस्तियां भी गैर-आधिकारिक सदस्य के रूप में शामिल हैं। इनमें भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा की सेवानिवृत्त अधिकारी और पूर्व डिप्टी CAG रेवती अय्यर तथा आर्थिक नीति विशेषज्ञ और रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (RIS) के महानिदेशक सचिन चतुर्वेदी शामिल हैं।
RBI केंद्रीय बोर्ड की अध्यक्षता गवर्नर संजय मल्होत्रा कर रहे हैं। उनके साथ डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे., पूनम गुप्ता, एससी मुर्मू और रोहित जैन बैंकिंग और वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच नीतिगत समन्वय के लिए आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर और वित्तीय सेवा सचिव संजय लोहिया भी बोर्ड से जुड़े हैं। विज्ञान, उद्योग, प्रशासन और आर्थिक नीति से जुड़े अनुभवी चेहरों की मौजूदगी से RBI के नीतिगत फैसलों में विविध अनुभवों का लाभ मिलने की उम्मीद है।

