भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले के ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान बुनियादी सुविधाओं की स्थिति एक बार फिर सामने आई है। ग्राम पंचायत बबेड़ी में बरसाती खार में पानी भरने के बाद नदरौली और सुमेर सिंह का पुरा गांव का संपर्क मार्ग बंद हो जाता है। ऐसे में शिक्षक और ग्रामीण ट्यूब के सहारे पानी पार करने को मजबूर हैं।
चार महीने तक बनी रहती है परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के मौसम में करीब चार महीने तक बरसाती खार में पानी भरा रहता है। पानी का स्तर बढ़ने पर पैदल चलना और बाइक से निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण लंबे समय से यहां पुलिया या सुरक्षित रास्ते की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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ई-अटेंडेंस के चलते बढ़ी शिक्षकों की मुश्किल
सरकारी स्कूलों में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था के कारण शिक्षकों को निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होती है। ऐसे में रास्ता बंद होने के बावजूद शिक्षक स्कूल पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
नदरौली प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक राजेश भारती की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें वे ट्यूब के सहारे तेज बहाव वाले पानी को पार करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी सवाल
बारिश के दौरान गांव का संपर्क टूटने से विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को भी अगर इसी तरह पानी पार करना पड़े, तो उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से बरसाती खार पर स्थायी पुलिया या सुरक्षित रास्ता बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब स्कूल तक पहुंचने का सुरक्षित रास्ता ही नहीं है, तो केवल ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था कैसे सुचारु रह सकती है।

