भोपाल: खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की तैयारी है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने मंगलवार को बताया कि वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहने वाली नई खेलो इंडिया योजना का कुल बजट 36,441 करोड़ रुपये रखा गया है। यह पिछली योजना के मुकाबले करीब आठ गुना अधिक है। योजना का लाभ पहले की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
भोपाल में विकसित होगा स्पोर्ट्स हब
खेल मंत्री के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं के विकास के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को भी मजबूत किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर मौजूद खेल प्रतिभा और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि खिलाड़ियों को उनके खेल के अनुसार बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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स्कूलों से होगी प्रतिभाओं की पहचान
नई योजना में स्कूल स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए एआई और वीडियो आधारित टैलेंट स्काउटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा।
चयनित खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण के साथ खिलाड़ियों की डाइट और फिटनेस पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
तीन स्तरों पर विकसित होगा खेल इंफ्रास्ट्रक्चर
मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इनमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी, स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटजिक स्पोर्ट्स एसेट्स और स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शामिल हैं।
इन योजनाओं में केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में लागत साझा की जाएगी।
ओलंपिक की तैयारी पर रहेगा फोकस
सरकार का लक्ष्य केवल खेल सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय और मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। इसके लिए हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। जरूरत के अनुसार विदेशी कोचों की सेवाएं भी ली जाएंगी।
इसके साथ ही पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को अधिक प्रतियोगिताओं में अवसर देने और युवाओं को खेलों से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। खेल मंत्री ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने की बात भी कही।

