WhatsApp अपने यूजर्स के चैटिंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी एक ऐसे फीचर पर काम कर रही है, जिसके जरिए यूजर्स WhatsApp छोड़े बिना Google, OpenAI और अन्य थर्ड-पार्टी AI एजेंट्स से सीधे बातचीत कर सकेंगे। इससे रोजमर्रा के कई काम चैट के जरिए करना आसान हो सकता है।
क्या है WhatsApp का नया AI फीचर?
WhatsApp एक नए AI Agents सेक्शन पर काम कर रहा है। इसके जरिए यूजर्स अपनी पसंद के कंपैटिबल थर्ड-पार्टी AI एजेंट्स को WhatsApp अकाउंट से कनेक्ट कर सकेंगे। कनेक्ट होने के बाद प्रत्येक AI एजेंट के लिए अलग चैट विंडो उपलब्ध हो सकती है।
यह फीचर कैसे काम करेगा?
फीचर ट्रैकर WABetaInfo के अनुसार, WhatsApp की सेटिंग्स में AI Agents का विकल्प मिल सकता है। यूजर्स को संबंधित AI सर्विस की ओर से मिलने वाली API Key के जरिए एजेंट को WhatsApp से लिंक करने की सुविधा मिल सकती है। इसके बाद एजेंट का नाम और प्रोफाइल फोटो भी कस्टमाइज किया जा सकेगा।
कितने AI एजेंट जोड़ सकेंगे?
रिपोर्ट के मुताबिक, एक WhatsApp अकाउंट में अधिकतम 5 AI एजेंट्स जोड़े जा सकते हैं। हालांकि, यह सीमा अंतिम फीचर में बदल सकती है।
प्राइवेसी कितनी सुरक्षित होगी?
AI एजेंट्स को यूजर की दूसरी निजी चैट्स, कॉन्टैक्ट्स या मीडिया फाइल्स का एक्सेस नहीं मिलेगा। साथ ही, इन एजेंट्स को ग्रुप चैट या कम्युनिटी में जोड़ने की अनुमति नहीं होगी। वे केवल व्यक्तिगत चैट में काम करेंगे।
यह फीचर कब आएगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, फीचर फिलहाल कुछ Android बीटा यूजर्स के लिए टेस्टिंग में है। WhatsApp ने अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है। व्यापक रोलआउट आने वाले महीनों में संभव है।
क्यों है खास?
यह फीचर WhatsApp को सिर्फ मैसेजिंग ऐप के बजाय AI-संचालित डेली टास्क प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। यूजर्स को अलग-अलग AI सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार ऐप बदलने की जरूरत कम हो जाएगी।

