नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने एक बार फिर वैश्विक बाजार में तेल की चिंता बढ़ा दी है। निवेश बैंक Goldman Sachs ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में जहाजों पर हमले और तेल की सप्लाई में रुकावट बढ़ती है तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती है।
सोमवार को Brent Crude करीब 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। इसके पिछले सप्ताह Brent में करीब 8% और अमेरिकी WTI Crude में लगभग 10% की तेजी दर्ज की गई।
होर्मुज में तनाव बढ़ने से तेल महंगा
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान ने तेल टैंकरों और दूसरे जहाजों को निशाना बनाया है। इसके बाद Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी कमी आई है। पिछले 10 दिनों में औसतन केवल 10 commodity ships प्रतिदिन इस रास्ते से गुजरे, जो मई के बाद सबसे निचला स्तर है।
Goldman Sachs के Global Commodities Research के Co-head Daan Struyven के मुताबिक, हाल की घटनाओं से shipping disruption के और व्यापक होने का जोखिम बढ़ा है। बैंक के अनुमान में हमले तेज होने की स्थिति में तेल $120 तक जा सकता है।
हालात सुधरे तो $80 तक आ सकता है भाव
हालांकि $120 Goldman Sachs का Base Case नहीं है। बैंक का कहना है कि अगर क्षेत्र से तेल निर्यात सामान्य होने लगे तो कीमत करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है। यानी आगे कीमतों की दिशा काफी हद तक Middle East में सप्लाई और सुरक्षा की स्थिति पर निर्भर करेगी।
भारत पर भी पड़ सकता है असर
कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहने पर भारत जैसे बड़े Oil Importer देशों की Import Cost बढ़ सकती है। इसका असर महंगाई, रुपये और पेट्रोलियम उत्पादों की लागत पर पड़ने का जोखिम रहता है। फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका-ईरान तनाव और Strait of Hormuz से तेल की आवाजाही पर बनी हुई है।

