सीहोर: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की कमिश्नर निधि निवेदिता के औचक निरीक्षण में सीहोर ग्रामीण क्षेत्र की कई आंगनवाड़ी केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। पोषण ट्रैकर पर दर्ज बच्चों की संख्या और केंद्रों पर मौजूद बच्चों की संख्या में बड़ा अंतर मिला। इसके अलावा वजन के आंकड़ों, भोजन की गुणवत्ता, टीएचआर पैकेट और केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं में भी कमियां पाई गईं। मामले में विभाग ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को सीहोर ग्रामीण बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका राय दीवान को निलंबित कर दिया।
पोषण ट्रैकर पर ज्यादा बच्चे, मौके पर कम उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान पचामा आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण ट्रैकर ऐप पर 29 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर 11 बच्चे ही मिले। रायपुरा नयाखेड़ा केंद्र में ऐप पर 24 बच्चों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद 9 बच्चे मौजूद थे। इसी तरह नौनीखेड़ी गुसाई केंद्र में 20 बच्चों के मुकाबले केवल 9 बच्चे मौके पर मिले।
रिकॉर्ड और वास्तविक उपस्थिति में इस अंतर से आंगनवाड़ी केंद्रों में निगरानी और रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
बच्चों के वजन और कुपोषण के आंकड़ों में भी अंतर
पचामा केंद्र में एक बच्चे कनक का वजन एक ही सप्ताह में बिना स्पष्ट कारण के लगभग दोगुना दर्ज पाया गया। इसी केंद्र के पोषण ट्रैकर में 7 एमएएम बच्चे दर्ज थे, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने केवल 3 बच्चों की जानकारी दी।
पडली केंद्र में कार्यकर्ता ने कुपोषित बच्चों की संख्या शून्य बताई, जबकि पोषण ट्रैकर पर 1 सैम और 13 एमएएम बच्चे दर्ज पाए गए।
तय मीनू के अनुसार नहीं मिला भोजन
नौनीखेड़ी गुसाई आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए निर्धारित मीनू में दाल, सब्जी और रोटी शामिल थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान केवल 14 रोटी और थोड़ी मात्रा में आलू की सब्जी मिली। दाल उपलब्ध नहीं थी। भोजन की गुणवत्ता और स्वाद भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
इसके अलावा स्व-सहायता समूहों की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे टीएचआर पैकेटों पर निर्माण तिथि अंकित नहीं थी। इनमें सामग्री का मिश्रण भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
यह भी पढ़े: Telegram Down: भारत समेत कई देशों में ठप हुई सर्विस, मैसेज भेजने में आई दिक्कत
बुनियादी सुविधाओं की भी मिली कमी
निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर बुनियादी व्यवस्थाओं में भी कमियां सामने आईं। नौनीखेड़ी गुसाई केंद्र में बच्चों का वजन और ऊंचाई मापने वाली डिजिटल मशीनें खराब मिलीं। यहां पर्यवेक्षक का अंतिम निरीक्षण अगस्त 2025 में होना बताया गया।
पडली केंद्र में टीवी और वॉटर प्यूरीफायर मौजूद थे, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं था। वहीं थूनाकलां केंद्र में झाड़ियां उगी मिलीं और नल व हैंडपंप भी खराब पाए गए।
परियोजना अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई
निरीक्षण में सामने आई इन अनियमितताओं के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सीहोर ग्रामीण बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका राय दीवान को निलंबित कर दिया। निरीक्षण में सामने आए रिकॉर्ड और व्यवस्थागत खामियों के आधार पर विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

