नई दिल्ली:लाल किला आतंकी हमला मामले में एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए ने बताया कि डॉ. उमर नबी ने अपने जूते में ऐसा मैकैनिज्म फिट किया हुआ था, जिसे दबाने से उसमें ब्लास्ट हो गया. इससे यह तो साफ हो गया कि घबराने की वजह से उमर ने वहां ब्लास्ट नहीं किया था।
बम धमाके में नए राज सामने आए
पिछले साल लाल किले के पास हुए बम धमाके में नए राज सामने आए हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि इस अटैक के हमलावर डॉ. उमर उन नबी ने धमाका करने के लिए अपने जूते में लगी एक पीजोइलेक्ट्रिक प्लेट से कमांड मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया था। इस तरह यह असल में ‘पैर या जूते’ से चलने वाला बम बन गया था।
नबी ने जानबूझकर किया था धमाका
एजेंसी की इस खोज से यह शक दूर हो गया है कि कहीं नबी के घबरा जाने की वजह से बम गलती से तो नहीं फट गया था. इससे यह भी साबित होता है कि इसे जान-बूझकर लाल किले पर ही धमाका करने के लिए एक्टिवेट किया गया था, जिसे वह ग्रुप भारतीय सत्ता का प्रतीक मानता था।
जूते से कैसे दिया धमाके को अंजाम?
इस बारे में NIA की चार्जशीट में बताया गया है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह पक्के तौर पर साबित हुआ है कि धमाके में गाड़ी में रखे IED का इस्तेमाल किया गया था। धमाके वाली जगह से ‘रेड-टेप’ ब्रांड का एक जूता जब्त किया गया था, जिसके सिर्फ एक जूते की एड़ी में मेटल का टुकड़ा लगा हुआ था इससे पता चलता है कि IED को कंट्रोल करने के लिए कमांड मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया गया था।

