विदिशा: लटेरी नेशनल हाईवे-752 पर शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने इंसानियत और व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया। 19 से ज्यादा सड़क पर बैठी गायों को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मारते हुए रौंद दिया। हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर खून बिखर गया और 15 गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तीन गाय अभी भी गंभीर हालत में हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही हैं।बताया गया कि ट्रक बीना से ब्यावरा की ओर जा रहा था। ट्रक खाली था और उसके राजस्थान का होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद ट्रक को आगे जाकर रोका गया। जब घटना स्थल पर लोग पहुंचे तो सड़क पर जगह-जगह मृत और घायल गायें पड़ी थीं। रात में जेसीबी की मदद से मृत गायों के शवों को सड़क से हटाया गया।
तीन गायें गंभीर रुप से घायल
हादसे में घायल गायों को तत्काल लटेरी गौशाला पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान तीन गायों ने भी दम तोड़ दिया। वहीं तीन गाय अभी गंभीर रूप से घायल हैं। उपचार के बावजूद वे दर्द से तड़पती नजर आ रही हैं। हादसे के बाद डरी-सहमी गायों की भीहालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों में भी आक्रोश और दुख का माहौल रहा।
एक हादसा, व्यवस्था से जुड़े कई सवाल
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़कों पर घूमते और बैठे निराश्रित गोवंश की समस्या पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आखिर सड़क पर बैठे गोवंश को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी है? करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई गौशालाओं के बावजूद गोवंश सड़कों पर क्यों नजर आता है? और जब हादसे में इतने पशुओं की जान चली जाती है, तब व्यवस्था की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं होती?लोगों का कहना है यदि सड़कों पर गोवंश इसी तरह बैठा रहेगा और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होगा तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
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ट्रक को चालक सहित पकड़ा, मामला किया दर्ज
हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक को चालक सहित पकड़ लिया। पुलिस द्वारा चालक के खिलाफ गोहत्या एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
यह घटना अपने पीछे सिर्फ मृत और घायल गोवंश नहीं छोड़ गई, बल्कि व्यवस्था से कई सवाल भी पूछ गई है। सवाल अब यह है कि इन सवालों का जवाब कौन देगा और अगली बार सड़क पर किसी और बेजुबान की जान जाने से पहले व्यवस्था कब जागेगी।

