वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की हाई-लेवल बैठकों में शामिल हो सकेंगे। Trump प्रशासन ने ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका आने की अनुमति देने का फैसला किया है। राष्ट्रपति पेजेशकियान के साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
सवाल उठ रहा है कि दोनों देशों के बीच युद्ध जारी होने के बावजूद अमेरिका ने ईरानी नेताओं को प्रवेश की अनुमति क्यों दी? अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक इसकी मुख्य वजह UN का Host Country होने के नाते अमेरिका की जिम्मेदारियां हैं। 1947 के UN Headquarters Agreement के तहत अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधियों की आवाजाही को लेकर कुछ अंतरराष्ट्रीय दायित्व निभाने होते हैं।
UN में रख सकेंगे बात, लेकिन पाबंदियां रहेंगी
अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ किया है कि ईरान का केवल Core Delegation UNGA High-Level Week में हिस्सा ले सकेगा। इस बार प्रतिनिधिमंडल पिछले साल की तुलना में छोटा होगा।
ईरानी अधिकारियों की अमेरिका में आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेंगे। इसके अलावा उनके लिए Luxury और कुछ अन्य सामान खरीदने पर पाबंदी लागू रहेगी। अमेरिका इससे पहले भी ईरानी प्रतिनिधिमंडलों पर इस तरह की सीमाएं लगा चुका है।
UNGA को संबोधित करेंगे पेजेशकियान
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की General Debate 22 सितंबर 2026(मंगलवार) से शुरू हो रही है। ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान का संबोधन 23 सितंबर 2026 (बुधवार) को निर्धारित है। इस बार UNGA में अमेरिका-ईरान संघर्ष और मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी के आखिर में शुरू हुआ सैन्य संघर्ष सातवें महीने में पहुंच चुका है। दोनों पक्षों के बीच युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से बीच-बीच में बातचीत भी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता सामने नहीं आया है।
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Hormuz से लेकर तेल सप्लाई तक कई मुद्दे
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। Strait of Hormuz की स्थिति और Red Sea में सुरक्षा संकट के कारण वैश्विक Energy Supply को लेकर चिंता बनी हुई है। इस बार UNGA में इन मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

