जबलपुर: छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले में आरोपी थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने गुरुवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर की। राजेश सोनी अक्टूबर 2025 से न्यायिक हिरासत में था।
मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अदालत ने राजेश सोनी को राहत दी, जबकि आरोपी डॉ. एसएस ठाकुर की याचिका पर जमानत नहीं मिली। इसके बाद उनके वकील ने आवेदन वापस लेने का आग्रह किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत का मामला
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप के सेवन से 24 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। जांच में पुलिस ने सिरप में 46 प्रतिशत डीईजी (डायएथिलीन ग्लाइकॉल) पाए जाने की बात कही थी।
पुलिस ने मामले में कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन के मालिक रंगनाथन गोविंदन, दवा विक्रेता, तीन डॉक्टरों समेत कई लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आरोपी बनाए गए ज्योति सोनी और सौरभ को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
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बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
राजेश सोनी की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया कि सिरप के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उनके पास कंपनी से दवा का स्टॉक आया था, जिसे उन्होंने आगे बेचा। बचाव पक्ष ने लंबे समय से न्यायिक हिरासत में होने का हवाला देते हुए जमानत की मांग की।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद राजेश सोनी को जमानत दे दी। हालांकि, जमानत मिलने से मामले में लगे आरोप समाप्त नहीं होते और प्रकरण की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

