भोपाल: दतिया की राजनीति में फिर से भूचाल की आहट हो रही है। भाजपा नेता एडवोकेट दीपक बेलपत्री ने जबलपुर हाईकोर्ट में घनश्याम सिंह की ‘विधायकी’ को ‘चैलेंज’ किया है। 17 सितंबर 2026 को एडवोकेट शिवम गौतम के माध्यम से एक याचिका(केस नंबर 6) दर्ज कराई गई है।
दीपक लम्बे समय तक पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ रहे। फिर मनमुटाव के बाद पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के साथ चले गए। इस उपचुनाव में उन्होंने फिर से भाजपा का दामन थामकर आशुतोष तिवारी के समर्थन में प्रचार किया था।
एफिडेविट में छुपाई जानकारी
मामला 35 साल पुराना है। 21 मई 1991 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में दतिया में झांसी चुंगी, किला चौक आदि जगहों पर चक्का जाम किया गया था। इस मामले में 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें विधायक घनश्याम सिंह, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, चंदन सिंह आदि प्रमुख लोग सम्मिलित थे।
वर्ष 2023 के चुनाव में राजेंद्र भारती ने अपने एफिडेविट में इन धाराओं का उल्लेख किया था, लेकिन हाल में हुए उपचुनाव में घनश्याम सिंह ने इसकी जानकारी नहीं दी।
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राजेंद्र भारती और घनश्याम सिंह में ठनी
उपचुनाव में कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आ गई थी। घनश्याम सिंह का आरोप था कि राजेंद्र भारती ने भाजपा से फंडिंग लेकर और भितरघात की साजिश रची। वहीं, राजेंद्र भारती ने घनश्याम सिंह को ‘कायर और डरपोक’ बताया था।इस कलह के बाद पार्टी ने राजेंद्र भारती को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था।
बता दें कि सहकारी बैंक अध्यक्ष रहते हुए एफडी घोटाले के जरिए धोखाधड़ी कर रकम हड़पने के आरोप में कोर्ट ने भारती को तीन साल की कैद और डेढ़ लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके चलते उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था और उपचुनाव हुए थे।

