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400 साल पुराने मंदिर की कहानी से प्रेरित है सिद्धार्थ-तमन्ना की ‘द वन’, सूर्यास्त के बाद यहां जाने की है खास मान्यता

मुबंई: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के साथ बिहार का एक प्राचीन मंदिर भी चर्चा में आ गया है। यह मंदिर पटना जिले के बिहटा के पास स्थित मां वन देवी मंदिर है, जिससे जुड़ी स्थानीय लोककथाओं ने फिल्म की कहानी को प्रेरित किया।

बिहार का 16वीं सदी का मंदिर, जिस पर बनी है सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'द वन', सूर्यास्त के बाद जाने पर है पाबंदी - the vvaan movie based on bihar van devi temple

मां वन देवी मंदिर को करीब 350 से 400 साल पुराना बताया जाता है। यहां देवी की पूजा किसी सामान्य मूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक पवित्र पिंड के रूप में की जाती है।

कैसे हुई वन देवी की स्थापना?

स्थानीय लोककथा के अनुसार, मंदिर की कहानी रघोपुर के रहने वाले विद्यानंद मिश्रा से जुड़ी है। कहा जाता है कि वे मां विंध्यवासिनी के भक्त थे और नियमित रूप से विंध्याचल जाकर देवी की पूजा करते थे।

उम्र बढ़ने के बाद उनके लिए बार-बार विंध्याचल जाना मुश्किल होने लगा। मान्यता है कि इसी दौरान देवी ने उन्हें सपने में दर्शन दिए और पवित्र पिंड का एक हिस्सा अपने गांव के पास ले जाकर स्थापित करने का निर्देश दिया।

मिर्जापुर की विंध्यवासिनी कैसे बनी मगध की वन देवी🌺🌺🌺🌺🌺 लगभग चार सौ वर्ष पूर्व विद्यानंद मिश्र नाम के माँ विंध्यवासिनी के एक परम भक्त हुआ ...

इसके बाद पिंड को जंगल में स्थापित किया गया। शुरुआत में यहां कोई बड़ा मंदिर नहीं था और एक साधारण झोपड़ी में ही पूजा की जाती थी। जंगल के बीच देवी का स्थान होने के कारण धीरे-धीरे लोग उन्हें ‘वन देवी’ यानी जंगल की देवी कहने लगे।

सूर्यास्त के बाद मंदिर जाने से जुड़ी मान्यता

इस मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता भी लोगों के बीच प्रचलित है। स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद मंदिर और आसपास के जंगल में जाने से बचा जाता है।

बताया जाता है कि रात के समय स्वयं मां वन देवी वहां विचरण करती हैं, इसलिए कि शाम को मंदिर के कपाट बंद होने के बाद पुजारी भी वहां से चले जाते हैं। रात के समय मंदिर परिसर में किसी के नहीं रुकने की परंपरा और इससे जुड़ी कहानियां लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच सुनाई जाती रही हैं।

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ऐसे बनी ‘द वन’ की कहानी की जमीन

फिल्म के लेखक अरुणाभ कुमार ने कहानी तैयार करने के दौरान मां वन देवी मंदिर और उससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से बातचीत कर मंदिर और जंगल से जुड़ी लोककथाओं को समझा।

The story of Maa Van Devi Mandir, Bihta-Patna is coming on Big Screen Siddharth Malhotra's upcoming film The Vvaan: Film writer Arunabh Kumar, in a recent interview said that he himself visited

खासतौर पर सूर्यास्त के बाद जंगल में नहीं जाने वाली कहानी ने उनका ध्यान खींचा। इसके बाद इस आइडिया को निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा के साथ साझा किया और आगे इसे फिल्म की कहानी की दुनिया तैयार करने में इस्तेमाल किया गया।

इस तरह सदियों से स्थानीय लोगों के बीच चली आ रही वन देवी की लोककथा अब बड़े पर्दे तक पहुंची है। हालांकि फिल्म एक सिनेमाई कहानी है, लेकिन इसकी शुरुआती प्रेरणा बिहार के इसी प्राचीन धार्मिक स्थल और उससे जुड़ी मान्यताओं से बताई जा रही है।

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