भोपाल: ट्रक लूटने के बाद ड्राइवर और क्लीनर की हत्या करने के मामले में भोपाल की अदालत ने दो आरोपियों को दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नवम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष शुक्ल की अदालत ने आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति को दोनों हत्याओं के मामले में दोषी ठहराया है।
विशेष लोक अभियोजक डॉ. राम कुमार खत्री के अनुसार आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति को धारा 302 के तहत दो हत्याओं के लिए दोहरा आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।
इसके अलावा दोनों को धारा 365/120बी और 397/120बी में 7-7 साल का सश्रम कारावास, धारा 414/120बी और 201/120बी में 3-3 साल तथा धारा 482/120बी में एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है।
ट्रक बेचने में मदद करने वाले दो आरोपियों को भी सजा
मामले में ट्रकों को बेचने में मदद करने वाले साहब सिंह उर्फ बलजिन्द्रेर सिंह और सुनील खटीक को भी अदालत ने दोषी पाया। दोनों को धारा 414/120बी के तहत 3-3 साल का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 482/120बी में एक-एक साल का सश्रम कारावास और 500-500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
2018 में गायब हुआ था ट्रक
मामला जून 2018 का है। संत शरण सिंह ने अशोका गार्डन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि राजेश पंवार और नूर खां को संजय धर्मकांटे के पास ट्रक खड़ा करने के लिए कहा गया था। अगले दिन ट्रक वहां नहीं मिला। राजेश और नूर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों के फोन भी नहीं लगे।
बाद में दूसरे ट्रक लूट के मामलों में आरोपियों से पूछताछ के दौरान बिहार से दो ट्रक जब्त किए गए। वैज्ञानिक जांच में इनमें एक ट्रक क्रमांक MP 04 HE 8073 अशोका गार्डन थाना क्षेत्र से गायब हुआ पाया गया। इसके बाद मामले की केस डायरी अशोका गार्डन थाने भेजी गई।
ड्राइवर और क्लीनर की हत्या कर अलग-अलग जगह फेंके थे शव
जांच में सामने आया कि आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति ने संजय धर्मकांटा क्षेत्र से ट्रक लूटा था। अभियोजन के मुताबिक ट्रक के ड्राइवर राजेश पंवार और क्लीनर नूर खां की हत्या करने के बाद उनके शव चंदेरी और मुंगावली क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए थे।
दोनों शव बाद में बरामद हुए। शव काफी खराब हालत में होने के कारण पहचान के लिए DNA जांच कराई गई। जांच के आधार पर मृतकों की पहचान राजेश पंवार और नूर खां के रूप में हुई।
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पुलिस ने जांच के दौरान मृतकों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फोटो सहित अन्य सामग्री भी जब्त की। विवेचना पूरी होने के बाद अशोका गार्डन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग पत्र अदालत में पेश किया।
अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्य, दस्तावेज और तर्कों पर सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एवं जिला अभियोजन अधिकारी डॉ. राम कुमार खत्री ने पैरवी की।

