नई दिल्ली: त्योहारों के बीच लोन लेने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हो सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की Monetary Policy Committee की अगली बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली है। इस बैठक में रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया जाता है तो होम लोन, कार लोन और दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज महंगे हो सकते हैं।
फिलहाल RBI का रेपो रेट 5.25% है। अगस्त की बैठक में RBI ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया था। हालांकि अब बढ़ती महंगाई, महंगा कच्चा तेल और रुपये पर दबाव जैसी परिस्थितियों के कारण ब्याज दर बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है।
5.50% हो सकता है रेपो रेट
Reuters के हालिया सर्वे में करीब 60% अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि अक्टूबर की बैठक में RBI रेपो रेट 0.25% यानी 25 basis points बढ़ाकर 5.50% कर सकता है।
अगस्त में Retail Inflation 4.82% तक पहुंच गई थी। वहीं कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी भारत के लिए चिंता बढ़ा रही हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल देश में महंगाई का दबाव बढ़ा सकता है। हालांकि, अभी इसे RBI का फैसला नहीं माना जा सकता। रेपो रेट बढ़ेगा या 5.25% पर ही रहेगा, इसका अंतिम फैसला MPC की बैठक के बाद ही सामने आएगा।
EMI पर कैसे पड़ेगा असर?
अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है और बैंक इसका असर ग्राहकों तक पहुंचाते हैं तो रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन की ब्याज दर बढ़ सकती है।
इसका असर दो तरह से देखने को मिल सकता है। बैंक ग्राहक की EMI बढ़ा सकता है या लोन चुकाने का समय यानी Tenure बढ़ सकता है। नया होम, कार या पर्सनल लोन लेने वालों को भी पहले के मुकाबले ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है।
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दिसंबर में भी बढ़ोतरी की चर्चा
बाजार में केवल अक्टूबर ही नहीं, दिसंबर की Monetary Policy को लेकर भी चर्चा है। कुछ आर्थिक रिपोर्टों में अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 basis points की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
अगर दोनों बैठकों में इतनी बढ़ोतरी होती है तो रेपो रेट कुल 0.50% बढ़ सकता है। लेकिन फिलहाल ये अनुमान हैं, RBI ने ऐसी बढ़ोतरी की कोई घोषणा नहीं की है। ऐसे में होम या कार लोन लेने वालों के लिए 7 अक्टूबर को आने वाला RBI का फैसला काफी अहम रहने वाला है।

