जबलपुर: मध्यप्रदेश में उपयंत्री भर्ती को लेकर संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया है। अब पात्र संविदा कर्मचारियों को उपयंत्री पदों की सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
दरअसल, दोनों विभागों ने 29 अगस्त को उपयंत्री के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव समेत 24 संविदा कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी।
2023 की नीति का दिया हवाला
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने अदालत में दलील दी कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में भर्ती नीति में संशोधन किया था। इसके तहत राज्य के सभी विभागों में होने वाली सीधी भर्ती में पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार की नीति लागू होने के बावजूद भर्ती विज्ञापन में इसका उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने इसे संविदा कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए अदालत से राहत की मांग की।
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सुनवाई से पहले विभागों ने सुधारी गलती
मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 30 सितंबर की तारीख तय की थी। हालांकि, सुनवाई से पहले ही जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने भर्ती विज्ञापन में संशोधन कर दिया।
दोनों विभागों की ओर से संयुक्त रूप से जारी संशोधन आदेश में पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान जोड़ दिया गया है। इसके बाद याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांग पूरी हो गई है। अब उपयंत्री भर्ती प्रक्रिया संशोधित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।

