मुंबई: एयरपोर्ट पर आने वाले महीनों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। टर्मिनल-1 के पुनर्विकास की तैयारी के चलते एयरपोर्ट के फ्लाइट शेड्यूल को नए तरीके से व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है। इसका सबसे ज्यादा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ सकता है।
जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 से मुंबई एयरपोर्ट की करीब 265 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अस्थायी रूप से कम करने की तैयारी है। इसलिए इस दौरान विदेश यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट बुक करने या एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का ताजा समय और स्थिति जांचना जरूरी होगा।
आखिर क्यों कम की जा रही हैं इंटरनेशनल फ्लाइट्स?
मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 मुख्य रूप से घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होता है। जनवरी 2027 से इसके पुनर्विकास का काम शुरू करने की योजना है। इस दौरान यहां से संचालित होने वाली घरेलू उड़ानों और यात्रियों का बड़ा हिस्सा टर्मिनल-2 पर शिफ्ट करना पड़ेगा।
इसी वजह से T2 पर घरेलू उड़ानों के लिए अतिरिक्त जगह बनाने की तैयारी है। इसके लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय स्लॉट कम किए जा सकते हैं। अभी T2 से हर सप्ताह करीब 770 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं, जिनमें से करीब 265 पर असर पड़ने की बात सामने आई है।
एयरपोर्ट प्रबंधन की तैयारी हर साल करीब 50 लाख अतिरिक्त घरेलू यात्रियों को संभालने की है। इसके लिए T2 के चेक-इन काउंटर, बैगेज बेल्ट और बोर्डिंग गेट का इस्तेमाल घरेलू उड़ानों के लिए भी बढ़ाया जाएगा।
IndiGo और Air India की उड़ानें भी हो सकती हैं कम
इस बदलाव का असर कई बड़ी एयरलाइंस पर पड़ सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, IndiGo की मुंबई से चलने वाली 224 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में करीब 74 सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
Air India की 100 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में करीब 33, Akasa Air की 11, Air India Express की 7 और SpiceJet की 5 उड़ानों में कमी की बात सामने आई है। इसके अलावा Etihad Airways और Emirates की करीब 10-10 साप्ताहिक सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
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नवी मुंबई एयरपोर्ट भी बना विकल्प
इस पूरी व्यवस्था में नवी मुंबई एयरपोर्ट की भूमिका भी अहम हो सकती है। कुछ अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को वहां स्थानांतरित करने को लेकर चर्चा चल रही है। हालांकि एयरलाइंस ने यात्रियों की मांग, कनेक्टिविटी और संचालन से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
ऐसे में 25 अक्टूबर के बाद मुंबई से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे अपनी Flight Status, Terminal और Departure Time पहले से जांच लें। आने वाले महीनों में टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के कारण फ्लाइट संचालन में और बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।

