इंदौर: लघु उद्योग भारती के उद्यम समागम 2026 का समापन शनिवार को इंदौर में हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्री चेतन काश्यप ने कहा कि यदि उद्यमी अपने क्षेत्र में लघु उद्योगों के लिए नया निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करते हैं तो राज्य सरकार 800 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से अनुदान देगी।
सब्सिडी वितरण में मप्र देश में पहले नंबर पर
मंत्री काश्यप ने कहा कि नवीन लघु उद्योग लगाने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। मप्र देश का पहला राज्य है जहां सब्सिडी दो माह के अंदर ऑनलाइन दी जा रही है। समागम चिंतन के लिए होते हैं और लघु उद्योगों के विस्तार के लिए जो जागरूकता जरूरी है, वह लघु उद्योग भारती पूरी शिद्दत से कर रही है।
27 राज्यों में 70 हजार सदस्य: मधुसूदन दादू
राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि लघु उद्योग भारती के 27 राज्यों में 70 हजार सदस्य हैं। छोटे उद्योगों के हित में सरकार की नीतियां बनवाने और उनका क्रियान्वयन कराने में संगठन की बड़ी भूमिका है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी संगठन का काम उल्लेखनीय है, देश में 65 महिला इकाइयां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं।
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टीम वर्क से चलता है संगठन: प्रकाश चंद्र
राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने कहा कि लघु उद्योग भारती कार्यकर्ता आधारित संगठन है और यहां टीम वर्क है। देश की आर्थिक आजादी का आधार लघु उद्योग ही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि मप्र के 55 जिलों के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में इकाइयां उद्योग हित में कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री अरुण सोनी ने किया और आभार महिला इकाई की अध्यक्ष वर्षा जैन ने माना।
इस दौरान पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वज्जू भाई वागासिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ताराचंद गोयल, समीर मुंदड़ा, मीडिया प्रभारी अतीत अग्रवाल, आरएसएस मध्य क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल और डीआरडीओ के चीफ एडवाइजर जितेंद्र सिंह सहित देशभर के पदाधिकारी मौजूद रहे। समागम की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

