भोपाल: मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने के अमित शाह के ऐलान के बाद पूर्व सीएम उमा भारती ने बड़ी मांग रखी है। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि नशामुक्ति का पहला चरण शराब मुक्ति होना चाहिए।
उमा भारती ने शाह की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनके मन की मुराद पूरी हुई और उनके अभियान को सफलता मिली। उन्होंने लिखा कि शराब की लत के बाद व्यक्ति दूसरे नशे की ओर बढ़ता है, इसलिए शराब मुक्ति को इस अभियान का पहला कदम बनाया जाए। मध्य प्रदेश को नशामुक्ति का केंद्र बनाने का असर पूरे देश पर पड़ेगा।
अमित शाह ने तय की 2029 की डेडलाइन
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर को भोपाल में ऐलान किया था कि 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने सीएम डॉ. मोहन यादव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस लक्ष्य के लिए विस्तृत प्लान बनाने की बात कही और माताओं से बच्चों को नशे से बचाने के लिए सतर्क रहने की अपील की।
शाह के इस ऐलान के बाद उमा भारती की शराबबंदी की मांग को अभियान के अगले बड़े एजेंडे के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने अपने संदेश में केंद्र, भाजपा और प्रदेश के प्रमुख नेताओं को टैग करते हुए नशामुक्ति के फैसले का स्वागत किया है।
पहले भी शराबबंदी के लिए मोर्चा खोल चुकी हैं पूर्व सीएम उमा
पूर्व सीएम उमा भारती लंबे समय से मध्य प्रदेश में शराबबंदी की मांग कर रही हैं। मार्च 2022 में उन्होंने भोपाल के बरखेड़ा पठानी स्थित शराब दुकान में बोतलें तोड़कर विरोध जताया था। इसके बाद सरकार ने 2023-24 की आबकारी नीति में अहाते बंद करने समेत कई कदम उठाए।
उमा भारती का अभियान यहीं नहीं रुका। अप्रैल 2025 में उन्होंने फिर सरकार को चेताते हुए कहा कि उनके अभियान के बाद जनवरी 2023 में आई नई शराब नीति धीरे-धीरे पूर्ण शराबबंदी की ओर बढ़ रही थी।

