पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीटों तथा असम की नगांव लोकसभा सीट पर आज आएंगे नतीजे
कोलकाता/चेन्नई/गुवाहाटी। By Election Results 2026: देश के चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की छह सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए शुक्रवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई। इनमें पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धरापुरम, पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट तथा असम की नगांव लोकसभा सीट शामिल हैं। छह अक्टूबर को इन सीटों पर मतदान हुआ था। मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों के नतीजे खास तौर पर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मई में विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की सत्ता में आई भाजपा के लिए ये उपचुनाव शुरुआती राजनीतिक परीक्षा हैं। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन कर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश में हैं।
नंदीग्राम और रेजीनगर में कड़ा मुकाबला
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भवानीपुर सीट अपने पास रखने के लिए नंदीग्राम छोड़ने के बाद खाली हुई थी। भाजपा ने यहां हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस के मिलन प्रधान को ममता बनर्जी का समर्थन मिला है। इस सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया था। इस बार नतीजे बताएंगे कि क्षेत्र में भाजपा का प्रभाव कितना कायम है और कांग्रेस को विपक्षी समर्थन का कितना लाभ मिलता है।
मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर भी बहुकोणीय मुकाबला है। यह सीट हुमायूं कबीर के दूसरी सीट अपने पास रखने के बाद खाली हुई। उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी ने उनके बेटे गोलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में विभिन्न दलों के बीच मतों का बंटवारा चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
रेजीनगर में मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए हैं। मतगणना केंद्र के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई है। केंद्र के 100 मीटर के दायरे में वाहनों और भीड़ की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। वैध पहचान पत्र के बिना किसी को मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
तमिलनाडु में टीवीके, द्रमुक और अन्नाद्रमुक की परीक्षा
तमिलनाडु की मदुरंतकम और धरापुरम विधानसभा सीटों पर भी मतगणना शुरू हो गई है। इन सीटों पर पूर्व अन्नाद्रमुक विधायकों के इस्तीफे और पार्टी बदलने के बाद उपचुनाव कराए गए। दोनों पूर्व विधायक अब तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के उम्मीदवार हैं।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के लिए ये नतीजे महत्वपूर्ण हैं। द्रमुक और अन्नाद्रमुक भी इन सीटों पर अपना प्रभाव बनाए रखने की कोशिश में हैं। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुडुचेरी की थट्टांचावडी सीट पर भी फैसला
पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के एक सीट छोड़ने के कारण रिक्त हुई थी। यहां सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच मुकाबला है। उपचुनाव का परिणाम रंगासामी सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
नगांव लोकसभा सीट पर भाजपा-कांग्रेस की नजर
असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी शुक्रवार को मतगणना हो रही है। कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी। बोरदोलोई बाद में भाजपा में शामिल हो गए और विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने नगांव को भाजपा का पारंपरिक गढ़ नहीं बताते हुए कहा था कि पार्टी का लक्ष्य अपनी मौजूदा चार लोकसभा सीटें बरकरार रखने के साथ अन्य सीटों पर भी अपनी स्थिति मजबूत करना है। नगांव में अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी संख्या चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
भाजपा के देवाशीष शर्मा, कांग्रेस की सिबामोनी बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच मुकाबले पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर है। इस सीट का नतीजा असम में भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के जनाधार का संकेत दे सकता है।
छह सीटों पर क्यों हो रहे हैं उपचुनाव
- नंदीग्राम, पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने के लिए नंदीग्राम सीट छोड़ी।
- रेजीनगर, पश्चिम बंगाल: हुमायूं कबीर ने दूसरी सीट अपने पास रखने के लिए रेजीनगर छोड़ दी।
- मदुरंतकम, तमिलनाडु: पूर्व विधायक के. मरगथम कुमारवेल के इस्तीफे के बाद सीट रिक्त हुई।
- धरापुरम, तमिलनाडु: पूर्व विधायक पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद उपचुनाव हुआ।
- थट्टांचावडी, पुडुचेरी: मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने दो सीटों पर जीत के बाद एक सीट छोड़ दी।
- नगांव, असम: सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद लोकसभा सीट खाली हुई।
चारों क्षेत्रों की छह सीटों पर मतगणना के साथ राजनीतिक दलों की निगाहें शुरुआती रुझानों और अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।

