भोपाल: मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने अपने OSD दीपम रायचूरा को प्रभार से हटा दिया है। उन पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। मामले में 930 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी ने 50 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये खाते में देने का दावा किया है।
जांच के निर्देश दिए गए
ठगी के आरोपी ने लगाए हैं आरोप
नाइट क्लब, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े करीब 930 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपी मोहित गोगिया ने अपने कथित बयान में दीपम रायचूरा पर शराब ठेके के बदले 1 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया है। गोगिया के बयान की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर करने का जिक्र
गोगिया के कथित बयान के मुताबिक, शराब ठेके से जुड़े लेनदेन में 50 लाख रुपए नकद देने और 50 लाख रुपए बैंक खाते में ट्रांसफर करने का जिक्र है। उसने फर्जी बैंक FDR को मंजूरी दिलाने और बिना लाइसेंस शराब की सप्लाई में मदद करने के आरोप भी लगाए हैं।
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दीपम रायचूरा बोले- आरोप झूठे, कोई नोटिस नहीं मिला
दीपम रायचूरा ने कहा, किसी भी जांच एजेंसी का कोई नोटिस मुझे नहीं मिला है। गोगिया से जो भी मेरा नाम जोड़ रहे हैं, सब मनगढ़ंत है। उसको केवल इसलिए जानता हूं, क्योंकि जब मैं भोपाल में सहायक आबकारी आयुक्त रहा, उस दौरान गोगिया लाइसेंसधारी के तौर पर मिले होंगे। मेरे खिलाफ रिश्वत लेने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे सब झूठ हैं।

