कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले के कैमोर में एस्बेस्टस कचरे का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कैमोर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों पहले एवरेस्ट कंपनी की फैक्ट्री से निकला एस्बेस्टस कचरा खेल मैदानों और आसपास के इलाकों में फेंका गया था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है।
पांच हजार से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने का दावा
कैमोर में एस्बेस्टस कचरे को लेकर सामने आई एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इलाके में करीब 10 लाख टन एस्बेस्टस से दूषित कचरा मौजूद है। रिपोर्ट में पांच हजार से ज्यादा लोगों के इससे जुड़ी बीमारियों से प्रभावित होने की बात कही गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार लंबे समय से सांस और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रहे हैं। पिछले साल लगाए गए मेडिकल कैंप में भी करीब 1200 लोगों में बीमारी से संबंधित लक्षण मिलने का दावा किया गया था।
उमंग सिंघार ने सरकार से मांगा जवाब
प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान उमंग सिंघार ने एस्बेस्टस कचरे के सुरक्षित निस्तारण और लोगों के इलाज की व्यवस्था करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी लोगों को इस समस्या से राहत नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है।
इस मामले में ब्रिटेन से आई मीडिया टीम ने भी कैमोर के कई इलाकों का दौरा किया है। टीम ने उन स्थानों की जानकारी जुटाई, जहां एस्बेस्टस कचरा मौजूद होने की शिकायतें हैं। रिपोर्ट में पुराने फैक्ट्री कर्मचारियों और उनके परिवारों की परेशानियों का भी जिक्र किया गया है।
कलेक्टर ने मेडिकल जांच कराने की बात कही
मामले में कटनी कलेक्टर का कहना है कि पहले फैक्ट्री से निकले कचरे को खेल मैदान में मिट्टी के नीचे दबाया जा चुका है। यदि दोबारा शिकायत मिलती है तो संबंधित विभाग से निरीक्षण कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के बीमार होने की शिकायत सामने आती है तो उसका मेडिकल परीक्षण और इलाज कराया जाएगा।

