बालाघाट: बकोड़ा में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास जनसंवाद कार्यक्रम में उस समय विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो गए, जब सांदीपनि विद्यालय के निर्माण और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की मांग का मुद्दा सामने आया। जनता अपनी समस्याओं के निराकरण की उम्मीद लेकर कार्यक्रम में पहुंची थी। मौके पर विधायक, अन्य जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और जिला अधिकारियों की मौजूदगी में विद्यालय निर्माण को लेकर उठे सवालों ने चर्चा को नया मोड़ दे दिया।
विधायक की सहमति को लेकर भी सवाल उठाए गए
इस मामले में आरोप लगाया गया है कि पांडरवानी सरपंच ने जनपद पंचायत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर सांदीपनि विद्यालय के निर्माण के मुद्दे को भटकाने का प्रयास किया। साथ ही, पूरे घटनाक्रम में विधायक की सहमति और सरपंच को संरक्षण मिलने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
विकास कार्यों की प्राथमिकताओं पर बहस छिड़ी
अब यह सवाल है कि क्षेत्र के विकास में प्राथमिकता बच्चों की शिक्षा को मिलनी चाहिए या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की मांग को। विद्यालय निर्माण जैसे विषय को लेकर उठी आपत्तियों ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका और विकास कार्यों की प्राथमिकताओं पर बहस छेड़ दी है।
सांदीपनि विद्यालय के भविष्य पर स्पष्ट रुख रखने की मांग की
इस मुद्दे को उठाने वाले पक्ष ने विधायक से क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों के विकास कार्यों का हिसाब देने और सांदीपनि विद्यालय के भविष्य पर स्पष्ट रुख रखने की मांग की है। उनका कहना है कि जनसंवाद जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए, न कि जनहित से जुड़े मुद्दों को विवादों में उलझाना।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि विद्यालय निर्माण को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधि क्या रुख अपनाते हैं। क्षेत्र की जनता को इस मामले में स्पष्ट जवाब और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
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जनता की आवाज़ को कमजोर मत होने दीजिए
साथ ही कहा, जनता की आवाज़ को कमजोर मत होने दीजिए, जनता के सवालों को व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मुद्दा मत बनाइए। विद्यालय निर्माण जैसे जनहित के विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लीजिए और यह स्पष्ट कीजिए कि क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता मिलेगी या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की मांग को?
कल से नवरात्रि का पावन पर्व प्रारंभ हो रहा है। माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि सभी जनप्रतिनिधियों को सद्बुद्धि दें, ताकि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर जनहित, शिक्षा और विकास के लिए कार्य करें।

