रियाद: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद हूती विद्रोहियों की ओर से एक बार फिर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की खबर सामने आई है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दोनों हमलों को नाकाम करते हुए ड्रोन और मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया।
सऊदी गठबंधन ने हमले को नाकाम करने का किया दावा
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने सोमवार को बताया कि हूती विद्रोहियों की ओर से भेजे गए एक ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। उनके मुताबिक ड्रोन को सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में मार गिराया गया, जबकि बैलिस्टिक मिसाइल दक्षिण-पश्चिमी शहर खमीस मुशैत की ओर दागी गई थी।
अल-मालिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इन घटनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सऊदी की सुरक्षा व्यवस्था ने समय रहते खतरे का पता लगा लिया और दोनों हमलों को नाकाम कर दिया।
एयरपोर्ट पर हमले में 12 लोगों की मौत का दावा
इससे पहले सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को हुए हमले में एक भारतीय नागरिक समेत 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी।
इसके अलावा दम्माम के पास स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। लगातार हो रहे हमलों के कारण हवाई अड्डों की सुरक्षा और विमान सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान पर भड़का अफगान तालिबान, कहा- अपनी नाकामियों का दोष अफगानिस्तान पर डालना बंद करे
लगातार हमलों से बढ़ रहा क्षेत्रीय तनाव
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। हाल के हमलों ने दोनों पक्षों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। खासतौर पर हवाई अड्डों जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों से आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं?

