भोपाल: मध्यप्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस ने पिछले दो सप्ताह में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ऑनलाइन निवेश, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर लोगों से लाखों-करोड़ों रुपए ठगने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कई मामलों में ठगी की रकम बैंक खातों में होल्ड कराई है, जबकि कुछ पीड़ितों को उनकी रकम वापस भी दिलाई गई है।
पुलिस की जांच में साइबर ठगी के तार दूसरे राज्यों के साथ विदेशों तक जुड़े मिले हैं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल नंबर और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद ली।
बैतूल में 1.93 करोड़ और अनूपपुर में 91 लाख की ठगी का खुलासा
बैतूल बाजार पुलिस ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लीकेशन के जरिए 1 करोड़ 93 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार किया है।
वहीं, अनूपपुर जिले की जैतहरी पुलिस ने 91 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को कानपुर से पकड़ा है। आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर अच्छा मुनाफा दिलाने का लालच दिया था। इस मामले में पुलिस ने 34 लाख रुपए होल्ड कराए हैं और 14 लाख रुपए से अधिक की रकम पीड़ित को वापस दिलाई है। इससे पहले भी दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
ग्वालियर में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
ग्वालियर साइबर क्राइम विंग ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में इस नेटवर्क के तार दुबई, कंबोडिया और श्रीलंका से जुड़े होने की जानकारी मिली है।
आरोपियों के पास से 19 मोबाइल फोन, 38 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक, 4 पासबुक, एक लैपटॉप और दो टैबलेट जब्त किए गए हैं।
ग्वालियर में ही एक अन्य मामले में डेटिंग ऐप के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वाले दो आरोपियों को मुरैना से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों पर एक व्यक्ति को होटल में बंधक बनाकर मारपीट करने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 लाख 38 हजार रुपए वसूलने का आरोप है।
मंदसौर, कटनी और शाजापुर में भी गिरफ्तारी
मंदसौर पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर करीब 14 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लगभग 10 लाख रुपए बैंक खाते में होल्ड कराए हैं।
कटनी में 1 लाख 88 हजार रुपए की यूपीआई ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। शाजापुर में भी 2 लाख 60 हजार रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी पकड़ा गया है।
अशोकनगर में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाकर अवैध लेन-देन करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में इस खाते से लाखों रुपए का लेन-देन होने की जानकारी सामने आई है।
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गुना और देवास में पीड़ितों को वापस मिली रकम
गुना पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार 12 लोगों को कुल 1 लाख 77 हजार 402 रुपए वापस दिलाए हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित बैंक खातों में रकम होल्ड कराई थी।
इसी तरह देवास पुलिस ने साइबर फ्रॉड के 14 मामलों में पीड़ितों को 80 हजार रुपए वापस कराए हैं।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैंकिंग ट्रांजेक्शन, डिजिटल साक्ष्यों और मनी ट्रेल की जांच की जा रही है। दूसरे राज्यों की पुलिस और बैंकों के साथ भी लगातार संपर्क किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग, नौकरी या अधिक मुनाफे के लालच में किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें और अपने बैंक को भी जानकारी दें, ताकि समय रहते रकम होल्ड कराई जा सके।

