Thursday, October 15, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsइंदौर के प्रधान आरक्षक के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 12.95 करोड़...

इंदौर के प्रधान आरक्षक के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 12.95 करोड़ का खर्च मिला; 33 संपत्तियों का खुलासा

इंदौर: मध्यप्रदेश में लोकायुक्त की कार्रवाई में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान की संपत्ति का बड़ा ब्योरा सामने आया है। लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने बुधवार को देवास, इंदौर सहित विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान अब तक 33 अचल संपत्तियों, करीब नौ वाहनों और 21 बैंक खातों का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की ज्ञात वैध आय और संपत्ति अर्जित करने पर हुए खर्च के बीच बड़ा अंतर मिला है।

1.93 करोड़ की वैध आय, खर्च 12.95 करोड़ रुपये

लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के अनुसार, जांच में प्रधान आरक्षक की कुल वैध आय 1,93,84,440 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले अब तक की जांच में चल और अचल संपत्तियों की खरीद पर करीब 12,95,72,028 रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह खर्च ज्ञात वैध आय से लगभग 11,01,87,588 रुपये अधिक है। प्रारंभिक आकलन में यह अंतर वैध आय का करीब 568 प्रतिशत बताया गया है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच की जा रही है।

33 अचल संपत्तियां, बाजार मूल्य करीब 29.73 करोड़

छापेमारी के दौरान आरोपी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर कुल 33 अचल संपत्तियों का पता चला है। इनमें आरोपी के अपने नाम के अलावा पत्नी, मां, रोशनी वर्मा, साहिल ट्रेडिंग कंपनी और कुछ कथित बेनामी संपत्तियां शामिल बताई गई हैं।

लोकायुक्त के अनुसार, इन संपत्तियों को खरीदने पर करीब 11,57,49,818 रुपये खर्च किए गए हैं। इनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 29,73,18,768 रुपये आंका गया है। जांच एजेंसी संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के स्रोत और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

परिचित महिला के नाम पर 21.75 बीघा जमीन का एग्रीमेंट

जांच में रोशनी वर्मा नाम की एक परिचित महिला के नाम पर करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का पंजीकृत एग्रीमेंट कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह एग्रीमेंट आवेदक के पिता से कराया गया था। लोकायुक्त इस लेनदेन और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

नौ वाहन और 21 बैंक खातों का पता चला

लोकायुक्त की टीम को तलाशी के दौरान ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल सहित करीब नौ वाहनों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन और देवास के विभिन्न बैंकों में आरोपी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर लगभग 21 बैंक खातों की जानकारी सामने आई है।

जांच में साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल एस्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की कंपनियों का भी पता चला है। लोकायुक्त इन कंपनियों और फर्मों के बैंक खातों का विवरण जुटा रही है। एहतियात के तौर पर संबंधित खातों से राशि निकालने पर रोक लगाए जाने की जानकारी भी दी गई है।

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के मार्च का जिक्र, सुप्रीम कोर्ट की दोटूक टिप्पणी- न्यायपालिका को कोई धौंस नहीं दिखा सकता

14 ठिकानों पर एक साथ तलाशी

लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने बुधवार सुबह से तलाशी अभियान शुरू किया था। देवास के आदर्श नगर स्थित मकान नंबर 12-बी सहित कुल 15 स्थानों पर कार्रवाई की गई। इनमें से कुछ स्थानों पर तलाशी पूरी कर ली गई, जबकि देवास और इंदौर स्थित आवासों पर देर रात तक कार्रवाई जारी रही।

लोकायुक्त की जांच में अब संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, कंपनियों के वित्तीय लेनदेन और आय के स्रोतों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच से मामले में अन्य जानकारियां भी सामने आ सकती हैं।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

11 to 17 October 2026
4 October to 10 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन