नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका को धौंस नहीं दिखा सकता। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के हालिया मार्च का उल्लेख किए जाने के बाद यह टिप्पणी सामने आई। अदालत ने एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भारतीय निर्वाचन आयोग और निर्वाचन आयुक्तों से जवाब भी मांगा है।
निर्वाचन आयोग और आयुक्तों को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिकाओं पर भारतीय निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। अदालत ने संबंधित पक्षों से इस मामले में जवाब मांगा है।
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राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दी चुनौती
यह याचिका लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की गई है। राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के 12 अन्य नेताओं ने भी एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया था।
याचिका 12 अक्टूबर को दाखिल की गई थी। शुरुआती प्रक्रियागत कमियों को दूर करने के बाद 13 अक्टूबर को इसे सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में दर्ज किया गया। मामले को W.P. (C) No. 001351/2026 के रूप में पंजीकृत किया गया है।
अब इस मामले में निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर आगे की सुनवाई होगी।

