जबलपुर: नवरात्रि पर्व के अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। जेल के पूर्वी और पश्चिमी खंड में बंदियों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्वयं तैयार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। खास बात यह है कि करीब 550 महिला और पुरुष बंदी नवरात्रि के दौरान दोनों समय का व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं।
जेलर मदन कमलेश ने बताया कि हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी जेल परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इन प्रतिमाओं को बाहर से नहीं खरीदा जाता, बल्कि बंदी जेल के भीतर ही अपने हाथों से तैयार करते हैं। इससे नवरात्रि उत्सव में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है।
पूजा-पाठ, हवन और भंडारे का आयोजन
नवरात्रि के नौ दिनों तक जेल के दोनों खंडों में पूजन-पाठ, आरती, हवन और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। महिला एवं पुरुष बंदियों सहित लगभग 550 लोग व्रत रख रहे हैं। व्रत रखने वाले बंदियों को शासन की ओर से नियमित भोजन के अतिरिक्त फल और फलाहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना रहे हैं। पूरे परिसर में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
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करीब 20 वर्षों से चली आ रही परंपरा
जेलर मदन कमलेश ने बताया कि जेल में बंदियों को अपने परिवार से दूर रहने का एहसास कम हो और वे भी त्योहारों को खुशी के साथ मना सकें, इसके लिए विभिन्न पर्वों का आयोजन किया जाता है। यह परंपरा करीब 20 वर्षों से जारी है।
नवरात्रि के अलावा रक्षाबंधन, दीपावली, होली और गणेश उत्सव जैसे त्योहार भी जेल में शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से बंदियों को धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

