भोपाल। मध्यप्रदेश समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने के निर्देश जारी किए। इसके तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, गलतियों में सुधार होगा और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। खास बात यह है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाई गई है।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है और मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसमें पारदर्शिता राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गई है।
नाम हटाने पर अधिकारियों को करनी होगी जांच
आयोग के निर्देशों के मुताबिक, किसी मतदान केंद्र पर दो प्रतिशत से अधिक नाम हटाए जाने की स्थिति में निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) को स्वयं जांच करनी होगी। इसी तरह, यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की आपत्ति दर्ज कराता है, तो भी अधिकारी को जांच करनी होगी।
नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएंगे। दावों और आपत्तियों की सूची हर सप्ताह राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। बैठकों की कार्यवाही और दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी सुरक्षित रखने होंगे।
2027 में 18 साल पूरे करने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन
आयोग ने निर्देश दिया है कि एक जनवरी 2027 के अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम आवेदन कर सकेंगे। उद्देश्य यह है कि पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहें।
हालांकि, SIR के दौरान सूची में नाम शामिल नहीं हो पाने वाले लोगों के लिए SSR आदेश में अलग प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है। ऐसे मतदाता फॉर्म-6 और जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। नाम जोड़ने से पहले अधिकारी पात्रता की जांच करेंगे।
मतदान केंद्रों की दूरी होगी कम
आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या और स्थानों की समीक्षा करने को कहा है। सामान्यतः एक मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। मतदाताओं को केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए बहुमंजिला इमारतों, कॉलोनियों और शहरी बस्तियों में सर्वे कराया जाएगा।
अधिकारियों के तबादलों पर भी रहेगी रोक
पुनरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य संबंधित पदों पर पर्याप्त कर्मचारी व संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। आयोग की अनुमति के बिना संबंधित अधिकारियों का तबादला नहीं किया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अन्य राज्यों में कार्यक्रम बाद में घोषित होगा।

