भोपाल: हलालपुरा पटाखा बाजार को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पेट्रोल पंप के पास पटाखों की दुकानें संचालित होने और आसपास आबादी बढ़ने से हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने 15 दुकानों को लोक न्यूसेंस यानी जन सुरक्षा के लिए खतरा घोषित कर दिया है। इन दुकानों को कारोबार जारी रखने के लिए सुरक्षा से जुड़ी 13 शर्तों का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर दुकानदारों को छह महीने तक की जेल हो सकती है।
बैरागढ़ के एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत यह आदेश जारी किया है। प्रशासन हलालपुरा पटाखा बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करना चाहता है, लेकिन मामला जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण फिलहाल दुकानों को हटाने की कार्रवाई नहीं हो सकती। अदालत से स्थगन हटने के बाद बाजार को शहर की सीमा से बाहर गैर-रिहायशी क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा।
पेट्रोल पंप के पास पटाखा दुकानें, पहले भी लग चुकी है आग
हलालपुरा पटाखा बाजार में सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चिंता नई नहीं है। 12 जून 2026 की रात यहां सोनी पटाखा दुकान में भीषण आग लग गई थी। दुकान के नजदीक पेट्रोल पंप होने से बड़े हादसे का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। यदि आग पेट्रोल पंप तक पहुंच जाती तो गंभीर स्थिति बन सकती थी।
एसडीएम ने अपने आदेश में इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा है कि बाजार में आग लगने की स्थिति में बड़े स्तर पर जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यहां पटाखा दुकानों के अलावा भोपाल-इंदौर के बीच बसों का संचालन भी होता है। चार्टर बस टर्मिनल होने के कारण क्षेत्र में लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में खतरा और बढ़ सकता है।
हाईकोर्ट में 20 मामले लंबित, स्थगन हटने का इंतजार
हलालपुरा पटाखा बाजार को दूसरी जगह शिफ्ट करने का मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में है। इससे संबंधित 12 रिट याचिकाएं और आठ अवमानना प्रकरण जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित हैं। अदालत के स्थगन के कारण प्रशासन फिलहाल दुकानों को हटाने की कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
प्रशासन की योजना पटाखा बाजार को शहरी सीमा से बाहर गैर-रिहायशी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की है। अदालत से स्थगन हटने के बाद इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। तब तक दुकानदारों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कारोबार करना होगा।
पटाखा दुकानदारों को 13 सुरक्षा शर्तों का करना होगा पालन
एसडीएम के आदेश के मुताबिक, सभी 15 दुकानदारों को विस्फोटक अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना होगा। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा, बिजली सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम करने होंगे।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक आवाज वाले पटाखों और कार्बाइड गन की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। दुकानदारों को अग्नि सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल कराने के साथ बिजली सुरक्षा और अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेज एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत करने होंगे।
इन शर्तों का उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और आपात स्थिति में राहत एवं बचाव के इंतजाम सुनिश्चित करना है। आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी तहसीलदार, नगर निगम के उपायुक्त और संबंधित थाना प्रभारी को सौंपी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें छह महीने तक के कारावास का प्रावधान बताया गया है।
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कबाड़खाना से हलालपुर पहुंचा था पटाखा बाजार
भोपाल का थोक पटाखा बाजार पहले कबाड़खाना क्षेत्र में संचालित होता था। वर्ष 1997 से पहले हुए एक हादसे के बाद प्रशासन ने पटाखा कारोबारियों को हलालपुर में कारोबार के लिए जगह दी थी। उस समय इलाके में आबादी कम थी, लेकिन अब यहां रिहायशी बस्तियों और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार हो गया है।
पेट्रोल पंप, बस टर्मिनल और बढ़ती आबादी के बीच पटाखा बाजार की मौजूदगी ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीर बना दिया है। प्रशासन ने फिलहाल 15 दुकानों पर सुरक्षा शर्तें लागू कर दी हैं। अब बाजार को स्थायी रूप से शहर से बाहर स्थानांतरित करने का फैसला हाईकोर्ट में लंबित मामलों और स्थगन हटने पर निर्भर करेगा।

