भोपाल: राजधानी भोपाल में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 2 वर्ष 7 महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला वर्ष 2024 में बैरसिया थाना क्षेत्र से 5 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद होने से जुड़ा है।
विशेष न्यायाधीश डॉ. मुकेश मलिक की अदालत ने आरोपी बृजेश जैन, पिता हुकुमचंद्र जैन, निवासी बैरसिया रोड भोपाल को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20 के तहत दोषी पाया। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को पांच दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की थी घेराबंदी
घटना 24 मार्च 2024 की है। बैरसिया पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बसई जोड़ बस स्टॉप, शमशाबाद-बैरसिया रोड पर एक व्यक्ति स्कूटी के साथ गांजा बेचने के लिए खड़ा है। उसके पास काले रंग का बैग होने की जानकारी भी पुलिस को दी गई थी।
सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी को अवगत कराया गया और उपनिरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां मुखबिर के बताए हुलिए का एक व्यक्ति स्कूटी क्रमांक MP 04 UG 7990 के साथ खड़ा मिला।
पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने गवाहों की मौजूदगी में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम बृजेश जैन बताया।
बैग की तलाशी में मिला 5 किलो 100 ग्राम गांजा
पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी के पास मौजूद काले रंग के बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसमें भूरे रंग का संदिग्ध मादक पदार्थ मिला।
पुलिस टीम ने प्रारंभिक जांच में पदार्थ के गांजा होने की आशंका जताई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने भी पदार्थ गांजा होने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर वजन कराया, जिसमें बरामद पदार्थ का कुल वजन 5 किलो 100 ग्राम पाया गया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर मादक पदार्थ जब्त कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया।
एफएसएल रिपोर्ट में हुई गांजा होने की पुष्टि
पुलिस ने जब्त पदार्थ के नमूने जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL), भोपाल भेजे थे। जांच रिपोर्ट में बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर विशेष एनडीपीएस न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी से जुड़े दस्तावेज, गवाहों और अन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा।
अदालत ने सुनाई सजा, अभियोजन की पैरवी रही अहम
विशेष न्यायाधीश डॉ. मुकेश मलिक ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर बृजेश जैन को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे 2 वर्ष 7 महीने के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। संभागीय जनसंपर्क अधिकारी मनोज त्रिपाठी के अनुसार, इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज त्रिपाठी और विक्रम सिंह ने पैरवी की।
मादक पदार्थों की तस्करी युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और न्यायालय में प्रभावी पैरवी अपराधियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

