नई दिल्ली: हवाई सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार फ्लाइट टिकटों के बढ़ते दामों पर कंट्रोल के लिए नए नियम बनाने की तैयारी में है। अक्सर त्योहारों, छुट्टियों और अचानक सफर की जरूरत पर हवाई टिकट कई गुना महंगे हो जाते हैं, जिससे पैसेंजर्स को काफी परेशानी होती है। सरकार अब ऐसा सिस्टम बनाने पर विचार कर रही है जिससे स्पेशल सिचुएशन में एयरलाइंस मनमाना किराया न वसूल सकें।
हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि हर वक्त फ्लाइट टिकट सस्ते मिलेंगे। आम दिनों में एयरलाइंस को पहले की तरह मार्केट डिमांड और सीटों की अवेलेबिलिटी के हिसाब से किराया तय करने की छूट मिलती रहेगी।
आपात स्थिति में सरकार तय कर सकेगी किराये की सीमा
केंद्र सरकार भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 के तहत नए नियम तैयार कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार प्राकृतिक आपदा, बड़ी दुर्घटना या हवाई सेवाओं में गंभीर बाधा जैसी परिस्थितियों में सरकार टिकटों के अधिकतम किराये की सीमा निर्धारित कर सकेगी।
इसका उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को आर्थिक बोझ से बचाना है, जब उन्हें मजबूरी में तत्काल यात्रा करनी पड़ती है। विशेष रूप से किसी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा आने या परिवहन सेवाएं प्रभावित होने पर अचानक हवाई यात्रा की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में टिकटों की कीमतें सामान्य से काफी अधिक हो सकती हैं।
एयरलाइंस को देनी होगी किराये की पूरी जानकारी
प्रपोज्ड नियमों में हवाई किराए को लेकर ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने पर भी फोकस है। इसके तहत एयरलाइंस को अपने किराए के स्ट्रक्चर की जानकारी DGCA को एक महीने पहले देनी होगी।
साथ ही एयरलाइंस को किराए से जुड़ी डिटेल अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर भी दिखानी होगी। इससे पैसेंजर्स को टिकट प्राइस की जानकारी मिल सकेगी और विभाग के लिए किराए पर नजर रखना आसान होगा।
सरकार की कोशिश है कि यात्रियों के हितों की सुरक्षा के साथ एयरलाइंस के बीच कॉम्पिटिशन भी बना रहे।
त्योहारों पर महंगे टिकटों से मिलेगी राहत?
त्योहारों और छुट्टियों पर हवाई टिकट सबसे ज्यादा महंगे होते हैं। दिवाली, दशहरा और बड़े त्योहारों पर पैसेंजर्स की भीड़ बढ़ जाती है, जबकि फ्लाइट्स में सीटें लिमिटेड होती हैं। इसीलिए कई बार आम दिनों के मुकाबले यात्रियों को काफी ज्यादा किराया देना पड़ता है।
हालांकि प्रपोज्ड नियमों के मुताबिक सिर्फ त्योहारों पर डिमांड बढ़ने से सरकार किराए की लिमिट तय करेगी, ये अभी क्लियर नहीं है। किराए पर कंट्रोल मुख्य तौर पर स्पेशल और इमरजेंसी सिचुएशन के लिए प्रपोज किया गया है।
एविएशन फ्यूल की कीमत, फ्लाइट्स की अवेलेबिलिटी और ऑपरेशनल खर्च भी टिकट का रेट तय करने में बड़ा रोल निभाते हैं।
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नए नियम लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
नए नियम लागू होने पर सरकार को स्पेशल सिचुएशन में हवाई किराए की मैक्सिमम लिमिट तय करने का पावर मिल सकता है। इससे जरूरत के वक्त पैसेंजर्स से ज्यादा किराया वसूलने पर रोक लगेगी।
फिलहाल ये नियम प्रपोजल स्टेज पर हैं। फाइनल रूप और लागू होने की तारीख अभी क्लियर नहीं है। ऐसे में आम दिनों में सस्ते टिकट की गारंटी तो नहीं होगी, लेकिन इमरजेंसी में यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

