भोपाल। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए मोहन सरकार ने गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना की तैयारी की है। इसके तहत प्रदेश के 313 वृंदावन गांवों से 939 गौपालकों का चयन कर उन्हें 25 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रत्येक गांव से तीन दुग्ध उत्पादकों को उनके पशुओं के दूध उत्पादन के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।
गाय के दूध उत्पादन के आधार पर मिलेगा पुरस्कार
गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना में उन्हीं गौपालकों को शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिनकी गाय प्रतिदिन कम से कम 6 लीटर दूध देती है। प्रत्येक वृंदावन गांव में दूध उत्पादन के आधार पर गौपालकों की मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद तीन सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
पुरस्कार राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है:
- प्रथम पुरस्कार: 1 लाख रुपये
- द्वितीय पुरस्कार: 50 हजार रुपये
- तृतीय पुरस्कार: 25 हजार रुपये
इस तरह प्रदेश के 313 गांवों से कुल 939 गौपालकों को पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रत्येक गांव में सबसे अधिक दूध देने वाली गाय के गौपालक को सबसे बड़ी पुरस्कार राशि मिलेगी।
दो दिन की प्रतियोगिता में होगा चयन
योजना के तहत प्रदेश के सभी 313 वृंदावन गांवों में दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें सर्वाधिक दूध उत्पादन का दावा करने वाले गौपालकों को प्रतियोगिता स्थल पर बुलाया जाएगा। उनकी गायों को दो दिन तक वहां रखा जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत चारा-पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की देखरेख में गायों का दूध निकाला जाएगा। इसके बाद दूध की मात्रा के आधार पर सर्वाधिक उत्पादन करने वाली गायों और उनके गौपालकों का चयन किया जाएगा।
सरकार इस प्रतियोगिता के आयोजन के लिए प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर 50 हजार रुपये खर्च करेगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जल्द ही पंजीयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हर ब्लॉक में एक गांव बना वृंदावन गांव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अक्टूबर को इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा की थी। योजना के लिए प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक से एक गांव को वृंदावन गांव के रूप में चुना गया है। इसके लिए गांव की आबादी कम से कम 2 हजार और गौवंश की संख्या कम से कम 500 होना निर्धारित किया गया है।
दूध उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पशुओं की नस्ल सुधारने के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दूध संकलन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने इस दिशा में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की मदद भी ली है।
गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य गौपालकों को बेहतर नस्ल के पशुओं के पालन, अधिक दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

