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शीतला माता मंदिर हादसे में सुरक्षा व्यवस्था पर जीतू पटवारी ने उठाए सवाल, बोले- साइकिल ले जाने पर प्रतिबंध था, तो ट्रक कैसे पहुंचा?

ग्वालियर: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर में विगत दिनों हुए दर्दनाक हादसे को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। मामले को लेकर जीतू पटवारी ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके साथ ही उन्होंने सड़क हादसे में घायल लोगों से रिम्स हॉस्पिटल पहुंचकर मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली।

जीतू बोले- इन घटनाओं के लिए जवाबदेह कौन होगा?

पटवारी ने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें निर्दोष लोगों की जान जा रही है। इन घटनाओं के बाद सरकार और प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं। आखिर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है और इन घटनाओं के लिए जवाबदेह कौन होगा?

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए

पटवारी ने शीतला माता मंदिर हादसे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर साइकिल ले जाने तक पर प्रतिबंध था, वहां ट्रक कैसे पहुंच गया? जब मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, तो उनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने क्या इंतजाम किए थे? क्या सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी नहीं की जा रही थी? इस गंभीर चूक की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?

उन्होंने कहा कि हादसे में कई लोगों की जान चली गई और अनेक परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी। यह केवल एक दुर्घटना का मामला नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

‘यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है’

पटवारी ने कहा कि हादसे में घायल लोग चार-चार घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करते रहे। संकट की घड़ी में घायलों को समय पर उपचार मिलना चाहिए, लेकिन यदि लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़े, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताना पर्याप्त नहीं है। सरकार को घायलों के बेहतर उपचार, प्रभावित परिवारों को उचित सहायता और हादसे की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

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इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का का उल्लेख किया

पटवारी ने कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब की घटनाओं और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें आम नागरिकों की जान जा रही है। इन घटनाओं से सरकार की व्यवस्थाओं और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

पटवारी ने कहा कि जनता को सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और संकट के समय तत्काल सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हर घटना के बाद सवाल उठते हैं, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी।

उन्होंने सवाल किया कि आखिर इस सरकार में संवेदनशीलता बची भी है या नहीं? सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और प्रत्येक ऐसी घटना में जवाबदेही तय करनी चाहिए।

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