दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं से जुड़ी जानकारी अब सार्वजनिक नहीं की जाएगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग यानी CIC के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें इन यात्राओं का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से जुड़ा निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने अपने फैसले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं।
मामले में CIC का पुराना आदेश प्रभावी नहीं रहेगा
इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने के मामले में CIC का पुराना आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।यह मामला सूचना के अधिकार यानी RTI के तहत मांगी गई जानकारी से जुड़ा था। अदालत के फैसले ने एक बार फिर सरकारी जानकारी की पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
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नेशनल सिक्योरिटी खतरे में पड़ने का दिया हवाला
दरअसल केंद्रीय सूचना आयोग ने भारतीय वायु सेना को निर्देश दिया था कि वह सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की विदेश यात्राओं से जुड़े विस्तृत रिकॉर्ड का खुलासा करे।
मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि RTI एप्लीकेंट, रिटायर्ड कमोडोर लोकेश बत्रा ने स्पेशल फ्लाइट रिटर्न्स (SFR) पार्ट I और पार्ट II के बारे में डिटेल्स मांगी थीं। जिसमें एयरक्राफ्ट, एयरक्रू, पूरे एन्टोरेज की डिटेल्स, और PM के साथ ट्रैवल करने वाले सभी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के लोगों के नाम शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि यह जानकारी देने से नेशनल सिक्योरिटी खतरे में पड़ सकती है। साथ ही PM की जान और फिजिकल सेफ्टी खतरे में पड़ सकती है।

