नई दिल्ली: भारत में स्मार्टफोन की बिक्री को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। त्योहारी सीजन में मोबाइल फोन की मांग बढ़ने की उम्मीद के बावजूद इस बार बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मार्केट रिसर्च कंपनी ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच भारत में स्मार्टफोन की बिक्री सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 3.58 करोड़ यूनिट रह गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2016 के बाद किसी भी तीसरी तिमाही में स्मार्टफोन की यह सबसे कम बिक्री है। इस गिरावट का असर देश में कारोबार करने वाली लगभग सभी प्रमुख मोबाइल कंपनियों पर दिखाई दिया है। हालांकि, सैमसंग मामूली गिरावट के बावजूद बाजार में पहले स्थान पर पहुंच गई है।
सैमसंग ने बेचे सबसे ज्यादा मोबाइल
ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच सैमसंग ने भारत में करीब 67 लाख स्मार्टफोन बेचे। इसके साथ ही कंपनी ने 19 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।
सैमसंग की बिक्री में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब एक प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बावजूद कंपनी अन्य ब्रांडों से आगे निकलने में सफल रही।
तीसरी तिमाही में प्रमुख कंपनियों की बिक्री
- कंपनी – स्मार्टफोन बिक्री
- सैमसंग – 67 लाख
- वीवो – 64 लाख
- ओप्पो – 49 लाख
- शाओमी – 47 लाख
- एप्पल – 39 लाख
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी हुई है, लेकिन कुल बिक्री में आई कमी ने बड़ी कंपनियों को भी प्रभावित किया है।
त्योहारी सीजन में भी क्यों घटी बिक्री?
आमतौर पर भारत में त्योहारों के आसपास स्मार्टफोन की खरीदारी बढ़ जाती है। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और मोबाइल कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए छूट और विशेष ऑफर पेश करती हैं।
लेकिन इस बार स्थिति अलग रही। ओम्डिया के प्रमुख विश्लेषक संयम चौरसिया के अनुसार, सितंबर का महीना आमतौर पर बड़ी ऑनलाइन बिक्री से पहले स्टॉक तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस बार बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई दी।
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सस्ते स्मार्टफोन की कमी बनी चुनौती
भारत में बड़ी संख्या में ग्राहक बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदना पसंद करते हैं। ऐसे में किफायती मोबाइल फोन की उपलब्धता बाजार की बिक्री को प्रभावित करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, कम कीमत वाले स्मार्टफोन की सीमित उपलब्धता ने बाजार की रफ्तार को कमजोर किया। वहीं, नए मॉडल की कमी के कारण भी ऑनलाइन बिक्री को पहले जैसा फायदा नहीं मिल सका।

