नई दिल्ली: देशभर के कारोबारियों और जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार जीएसटी रिटर्न फॉर्म में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य रिटर्न भरने की प्रक्रिया को आसान बनाना, गलतियों को कम करना और करदाताओं को बार-बार मिलने वाले नोटिसों से राहत देना है।
वित्त मंत्रालय 1 नवंबर 2026 से संशोधित जीएसटी रिटर्न फॉर्म पर आम जनता, कारोबारियों और टैक्स प्रोफेशनल्स से सुझाव मांगेगा। प्रस्तावित फॉर्म MyGov पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां 30 नवंबर तक अपनी राय दी जा सकेगी।
GSTR-1, GSTR-1A और IFF में होगा सुधार
प्रस्तावित बदलावों के तहत GSTR-1, GSTR-1A और इनवॉइस फर्निशिंग फैसिलिटी (IFF) में सुधार किया जाएगा। इसका मकसद इन फॉर्म में दिखाई गई बिक्री और टैक्स देनदारी का GSTR-3B से बेहतर मिलान करना है। अभी कई बार GSTR-1 और GSTR-3B के आंकड़ों में अंतर आ जाता है, जिससे कारोबारियों को नोटिस मिल जाते हैं। ऐसे में उन्हें जवाब देने और रिकॉर्ड मिलाने में काफी समय लग जाता है।
नई व्यवस्था में इन गलतियों को सुधारने के लिए वैकल्पिक सुविधा दी जाएगी, जिससे टैक्स देनदारी और ITC से जुड़ी गड़बड़ियों को आसानी से ठीक किया जा सकेगा।
GST काउंसिल ने रिटर्न से जुड़े सुधारों को दी थी मंजूरी
GST काउंसिल की 57वीं बैठक में रिटर्न से जुड़े सुधारों को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत करदाताओं को टैक्स देनदारी और ITC में सुधार के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था देने का प्रस्ताव है। इसका मकसद रिटर्न में होने वाली आम गलतियों को समय रहते ठीक करना है, ताकि बेवजह नोटिस कम आएं और GST अनुपालन की प्रक्रिया आसान हो।
CBIC के GST पॉलिसी डिवीजन के कमिश्नर गौरव सिंह के मुताबिक, विभाग GST ऑडिट प्रक्रिया को भी ज्यादा व्यवस्थित और सरल बनाने पर काम कर रहा है।
30 नवंबर तक दे सकेंगे सुझाव
वित्त मंत्रालय संशोधित GST रिटर्न फॉर्म का ड्राफ्ट 1 नवंबर को MyGov पोर्टल पर जारी करेगा। इसके बाद व्यापारी, उद्योग संगठन, CA, टैक्स सलाहकार और आम लोग प्रस्तावित बदलावों पर अपनी राय दे सकेंगे। सुझाव देने की आखिरी तारीख 30 नवंबर 2026 तय की गई है। इस दौरान मिले फीडबैक के आधार पर फॉर्म और प्रक्रिया में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
सरकार का प्लान है कि नया GST रिटर्न फॉर्म 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाए। हालांकि फाइनल व्यवस्था नोटिफिकेशन और नियमों के हिसाब से ही तय होगी।
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जीएसटी ऑडिट प्रक्रिया में भी सुधार की तैयारी
सरकार सिर्फ रिटर्न फॉर्म में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि GST ऑडिट और अनुपालन की पूरी प्रक्रिया को और आसान बनाने पर काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक, 8 अक्टूबर को हुई GST काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए फैसलों से जुड़ी अधिसूचनाएं और सर्कुलर को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
नए बदलाव लागू होने के बाद कारोबारियों को रिटर्न में डेटा मिलान और गलतियां सुधारने में आसानी होगी। इससे छोटे और मझोले कारोबारियों के साथ-साथ टैक्स प्रोफेशनल्स का काम भी काफी आसान हो जाएगा। फिलहाल ये प्रस्तावित बदलाव हैं। करदाताओं को अभी मौजूदा GST रिटर्न और भुगतान की डेडलाइन का ही पालन करना होगा।

