गुना: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें महाभारत के धृतराष्ट्र से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह अपने बेटे को राजनीतिक रूप से स्थापित करने और सिंहासन पर बैठाने के लिए यात्रा कर रहे हैं। शाक्य ने यात्रा के शुरुआती कार्यक्रम में गमछा लौटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए इसे महाकाल का अपमान भी बताया।
‘बेटे को सिंहासन पर बैठाने की तड़प’
भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा कि राजनीति में एक धृतराष्ट्र पैदा हुआ है, जो अपने पुत्र को सिंहासन पर बैठाने के लिए पदयात्रा कर रहा है। उन्होंने महाभारत के पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धृतराष्ट्र और दुर्योधन की जोड़ी है। उनके मुताबिक, बेटे को सत्ता सौंपने के लिए पिता किसी भी हद तक जा सकता है।
शाक्य ने यात्रा की शुरुआत उज्जैन से किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि दिग्विजय सिंह को सनातन यात्रा निकालनी ही थी, तो उन्हें अजमेर या जावरा से इसकी शुरुआत करनी चाहिए थी।
गमछा लौटाने को महाकाल का अपमान बताया
पन्नालाल शाक्य ने आरोप लगाया कि यात्रा की शुरुआत के दौरान एक व्यक्ति ने स्वागत के लिए दिग्विजय सिंह को गमछा ओढ़ाया था, जिसे उन्होंने वापस कर दिया। भाजपा विधायक ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें गमछा ओढ़ने में परेशानी थी, तो यात्रा की शुरुआत किसी दूसरे स्थान से करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि महाकाल से यात्रा शुरू करने के दौरान गमछा प्रसाद के रूप में दिया गया था और उसे लौटाना महाकाल का अपमान है। हालांकि, यह शाक्य का आरोप और इस घटनाक्रम को लेकर उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
वोट चोरी के आरोपों पर भी कांग्रेस को घेरा
भाजपा विधायक ने कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने नितेश भारद्वाज, प्यारेलाल खंडेलवाल और सुनील जोशी जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए पूछा कि जब ये नेता चुनाव लड़े थे, तब क्या वोट चोरी नहीं हुई थी?
शाक्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे लोगों के मुद्दे उठा रही है, जो विदेशी शक्तियों के हाथों में खेल रहे हैं। उन्होंने दिग्विजय सिंह की उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने बेटे को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए, ताकि उसकी राजनीतिक क्षमता का पता चल सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब भी बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया जा रहा है।
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‘सत्ता से बाहर हैं, इसलिए बौखलाए’
पन्नालाल शाक्य ने कांग्रेस नेताओं पर सत्ता से बाहर रहने के कारण बेचैन होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई दशकों तक शासन किया, लेकिन पिछले 10-12 साल से सत्ता से बाहर रहने के कारण कुछ लोग बौखलाए हुए हैं। शाक्य ने कहा कि यह पुरानी बीमारी है और इसका इलाज हो चुका है। उन्होंने आगे भी राजनीतिक तंज जारी रहने के संकेत दिए।

