बेलग्रेड: सर्बिया में छात्र संगठनों के गठबंधन ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने चुनाव में धमाकेदार जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि इस चुनाव में हारने वाले कोई आम नेता नहीं, बल्कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बेहद करीबी और पीएम पद के उम्मीदवार अलेक्जेंडर वुचिच हैं।
वुचिच के मुताबिक, छात्र गठबंधन को संसद की 250 में से कम से कम 135 सीटें मिली हैं। वहीं, वुचिच की पार्टी को करीब 105 सीटें मिलने का अनुमान है।
छात्र गठबंधन को करीब 22 लाख वोट और वुचिच की पार्टी को 17.2 लाख वोट मिले। अंतिम आधिकारिक नतीजे अभी घोषित नहीं हुए हैं।
छात्र संगठन पिछले 2 साल से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि भ्रष्टाचार और तानाशाही की सरकार चल रही है।
बड़ी संख्या में लोग जश्न मनाने सड़कों पर उतरे
वुचिच के हार मानने के बाद राजधानी बेलग्रेड समेत कई शहरों में लोगों ने जश्न मनाया। हजारों लोग सड़कों पर आ गए। लोगों ने सर्बिया के झंडे लहराए, गाड़ियों के हॉर्न बजाए और पटाखे फोड़े। जश्न मनाने वालों में बड़ी संख्या युवाओं की थी।
चुनाव में करीब 70% लोगों ने वोट डाले। 1992 में यूगोस्लाविया के टूटने के बाद से यह सबसे ज्यादा मतदान वाले चुनावों में से एक माना जा रहा है।
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छात्र संगठनों के सामने अब नई सरकार बनाने की चुनौती
चुनाव में जीत के बाद छात्र गठबंधन के सामने अब सरकार बनाने की चुनौती होगी। शुरुआती नतीजों के मुताबिक, गठबंधन को संसद में बहुमत मिल सकता है। हालांकि, सरकार बनाने की प्रक्रिया आधिकारिक नतीजे आने और आगे की राजनीतिक बातचीत के बाद ही पूरी होगी।
छात्र नेताओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने, सरकारी कामकाज में सुधार लाने और कानून के हिसाब से व्यवस्था चलाने का वादा किया है। अब देखना होगा कि नई सरकार इन वादों को कैसे पूरा करती है। यूरोपीय संघ की भी सर्बिया में कानून का पालन, मीडिया की आजादी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर नजर रहेगी।

