कराकस: वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की स्वदेश वापसी की खबर ने देश की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 10 महीने से अधिक समय तक देश से बाहर रहने के बाद मचाडो वेनेजुएला लौट आई हैं। उनकी वापसी पर बड़ी संख्या में समर्थकों के स्वागत करने की खबर सामने आई है।
मचाडो लंबे समय से वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक बदलाव की मांग उठाती रही हैं। वह देश की विपक्षी राजनीति का प्रमुख चेहरा रही हैं। ऐसे में उनकी वापसी को लेकर समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है।
स्पीडबोट से देश छोड़ने के बाद हुई थी चर्चा में
पिछले साल जनवरी में कुछ समय हिरासत में रहने के बाद मचाडो अंडरग्राउंड हो गई थीं और फिर स्पीडबोट के जरिए देश छोड़ने की खबरों के बीच विदेश चली गई थीं। दिसंबर में वे नॉर्वे में नोबेल पुरस्कार लेने के लिए सामने आई थीं।
‘मैं यहाँ हूँ, तुम्हारे साथ’

रविवार 25 अक्टूबर को मचाडो ने सोशल मीडिया X पर लिखा ‘Estoy aquí. Con ustedes’ यानी मैं यहाँ हूँ, तुम्हारे साथ। कुछ ही घंटों में लारा राज्य के बारक्विसिमेटो शहर के सांता रोजा चर्च में उनके समर्थकों ने उन्हें घेर लिया, राष्ट्रगान गाया और ‘आजादी’ के नारे लगाए।
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वेनेजुएला के भविष्य पर दुनिया की नजर
दक्षिण अमेरिका का तेल संपन्न देश वेनेजुएला पिछले एक दशक से गहरे आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी, नागरिक अधिकारों पर अंकुश और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने जैसे मुद्दे लगातार देश की सियासत के केंद्र में रहे हैं।
इसी बीच विपक्ष की सबसे मुखर आवाज मारिया कोरिना मचाडो की देश वापसी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है। 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मचाडो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वेनेजुएला के लोकतंत्र की लड़ाई लड़ती रही हैं, इसलिए उनकी वापसी को केवल एक नेता की घर वापसी नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए नई ऊर्जा के तौर पर देखा जा रहा है।

