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दीप्ति शर्मा का अनोखा सफर: हॉकी की गेंद से सीखा छक्के लगाना, आज T20 इंटरनेशनल की सबसे सफल गेंदबाज

मुंबई: भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के करियर में ऐसा एक वाकया हुआ। जिससे उनका पूरा जीवन ही बदल गया।क्रिकेट में शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। लेकिन क्या हो, जब 113 रन की पारी खेलने के बाद भी कोच कहे कि बल्लेबाजी में कमी रह गई?

1 अप्रैल 2021 को घरेलू वनडे टूर्नामेंट में बंगाल की ओर से खेलते हुए दीप्ति ने रेलवे के खिलाफ शतक लगाया। सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाज थे। इसके बावजूद बंगाल के कोच चरणजीत सिंह का मानना था कि दीप्ति अपनी पारी में 25-30 रन और जोड़ सकती थीं।

यह आलोचना उनके शतक को कमतर दिखाने के लिए नहीं थी। कोच ने बल्लेबाजी की एक खास कमी पहचानी थी। दीप्ति ऑफ-साइड में आसानी से रन नहीं बना पा रही थीं।

यहीं से शुरू हुई दीप्ति की खुद को बेहतर बनाने की कोशिश। उन्होंने अपनी कमियों को स्वीकार किया, कोच से मदद मांगी और उन शॉट्स पर मेहनत की, जिनमें वह पीछे रह रही थीं।

17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा

दीप्ति ने 17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। 2017 में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 188 रन की पारी खेली। यह भारतीय महिला क्रिकेट में वनडे का रिकॉर्ड व्यक्तिगत स्कोर बना हुआ है।

दीप्ति की तकनीक अच्छी थी, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की कुछ सीमाएं भी सामने आने लगीं। वह पारी की शुरुआत धीमी करती थीं, विकेटों के बीच दौड़कर रन लेने में उतनी तेज नहीं थीं ।

इसी कारण वनडे में उन्हें नंबर-1 से लेकर नंबर-9 तक अलग-अलग क्रम पर आजमाया गया। टीम को यह तय करने में मुश्किल होती रही कि उनकी बल्लेबाजी का सबसे अच्छा इस्तेमाल कहां किया जाए।

कई बार स्मृति मंधाना या शेफाली वर्मा की तेज शुरुआत के बाद रन बनाने की गति धीमी पड़ जाती थी। मध्य ओवरों में रन कम बनने से दूसरे बल्लेबाजों पर ज्यादा जोखिम लेने का दबाव आता था। इस तरह दीप्ति की बल्लेबाजी की समस्या सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं था। इसका असर पूरी टीम पड़ता था।

 टी-20 में तेजी से रन बनाने लगीं

जून 2022 से पहले और उसके बाद के आंकड़ों की तुलना में दीप्ति की बल्लेबाजी की गति में सुधार दिखाई देता है। स्ट्राइक रेट बताता है कि बल्लेबाज हर 100 गेंदों पर औसतन कितने रन बना रहा है।

वनडे में उनका स्ट्राइक रेट 64.9 से बढ़कर 86.22 हो गया। टी-20 इंटरनेशनल में यह 90.21 से बढ़कर 121.21 पहुंचा। इसका मतलब है कि टी-20 में वह पहले के मुकाबले तेजी से रन बनाने लगीं।

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महिला टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लिए

महिला टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट दीप्ति शर्मा के नाम हैं। वे 191 विकेट ले चुकीं हैं। उनका बेस्ट प्रदर्शन 10 रन देकर 5 विकेट है। दूसरे नंबर पर थाईलैंड की थिपाचा पुथावोंग हैं, जिन्होंने 2019 से 2026 के बीच 111 मैचों में 173 विकेट लिए हैं।

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