भोपाल: चुनाव में धांधली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर मंगलवार को राजधानी भोपाल का शाहजहांनी पार्क लाल झंडों से पट गया। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के आह्वान पर प्रदेश भर से हजारों कार्यकर्ता और आम लोग धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। मंच से केंद्र और चुनाव आयोग पर तीखे हमले बोले गए।
SIR के जरिए 13 करोड़ वोट काटने का आरोप
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा वोटर लिस्ट में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया रहा। पार्टी ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम काटे गए हैं, जिससे उनकी नागरिकता पर ही सवाल खड़ा हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग की।
केंद्रीय नेता प्रताप सामल का सरकार पर हमला
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय कमेटी सदस्य और राज्य सचिव कॉमरेड प्रताप सामल ने कहा, “जनता के सामने जीने का संकट है। महंगाई आसमान पर है, टैक्स की मार है। अस्पताल, स्कूल, रेलवे सब पूंजीपतियों को बेचा जा रहा है। सरकार एक तरफ ‘स्कूल चलें हम’ का नारा देती है, दूसरी तरफ हजारों सरकारी स्कूल बंद कर रही है। अस्पतालों में PPP के नाम पर निजीकरण हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि राजधानी की सड़कें जर्जर हैं, लोगों से घर और रोजगार छीना जा रहा है और आवाज उठाने पर लाठीचार्ज और झूठे केस किए जा रहे हैं।
बिहार राज्य सचिव ने कहा – अब नागरिकता का सवाल
केंद्रीय कमेटी सदस्य और बिहार राज्य सचिव अरुण कुमार ने कहा कि SIR के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन हो रहा है। उन्होंने कहा, “महंगाई, बेरोजगारी और महंगी शिक्षा से जनता पहले से परेशान थी, अब उसकी नागरिकता पर सवाल खड़ा कर दिया गया है, इसलिए लोग सड़कों पर हैं। पूंजीवाद जितना संकट में आएगा, समस्याएं उतनी बढ़ेंगी।”
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आगे की रणनीति
कार्यक्रम में कई जिलों के प्रतिनिधियों ने बात रखी। अंत में एक प्रस्ताव पारित कर अस्पतालों के निजीकरण, सरकारी स्कूल बंद करने, बेरोजगारी और महिलाओं पर बढ़ते अपराधों के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की अपील की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सचिव मंडल सदस्य मुदित भट्टानगर ने की।

