भोपाल: दिवाली से पहले भोपाल में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने रेलवे स्टेशन के बाहर छापा मारकर सात क्विंटल से अधिक पनीर जब्त किया। मुरैना से ट्रेन के जरिए लाई गई इस खेप की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई गई है। अब जांच की जा रही है कि पनीर शहर में किन दुकानों, होटलों और रेस्तरां में सप्लाई किया जाना था।
बिल्टी और बिल के आधार पर जांच
विभागीय अधिकारियों ने पनीर की खेप से जुड़े बिल्टी और बिल के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार सुबह तक कार्रवाई जारी रही। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि प्रतिबंधित पनीर किसके जरिए मंगाया गया और इसे किन कारोबारियों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में जिन संस्थानों या व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग बाजार में पहुंचने वाली संदिग्ध खाद्य सामग्री पर निगरानी रख रहा है।
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तीन महीने पहले लगा था प्रतिबंध
एनालॉग पनीर को प्राकृतिक दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसे बनाने में दूध के साथ या उसकी जगह वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी उत्पादन लागत कम होने के कारण इसे बाजार में सस्ते विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
करीब तीन महीने पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एनालॉग पनीर के असुरक्षित क्रय-विक्रय को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में एनालॉग पनीर के कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया था।
प्रतिबंध के बाद भोपाल में सामने आई यह बड़ी जब्ती खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए अहम मामला है। अब जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि खेप की आपूर्ति शृंखला में कौन-कौन शामिल था और प्रतिबंध के बावजूद इसे बाजार तक पहुंचाने की तैयारी कैसे की गई।

