भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा द्वारा हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा का टिकट दिए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे भाजपा की राजनीतिक मंशा और खौफ बताया। वहीं, कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक की मौत और उसके शरीर में छर्रे मिलने की बात पर प्रदेश सरकार की वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया।
आखिर किससे ब्लैकमेल हो रही है भाजपा?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में नाम सामने आने को लेकर चर्चा में रहे हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा का टिकट देना भाजपा के खौफ को उजागर करता है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश के बजाय मध्यप्रदेश की सीट का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों और निजी स्वार्थों के लिए किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की इस राजनीति से स्पष्ट है कि वह मध्यप्रदेश को अपने राजनीतिक प्रयोगों की प्रयोगशाला समझती है। प्रदेश की जनता के हितों और सम्मान की अनदेखी कर अपने सियासी समीकरण साधना भाजपा की कार्यशैली बन गई है। क्या भाजपा को मध्यप्रदेश में कोई नेता नहीं मिला? सिंघार ने कहा, हम मध्यप्रदेश को भाजपा की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे।
वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक की मौत और उसके शरीर में छर्रे मिलने की बात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर मध्यप्रदेश में चीते लाए गए, उनके संरक्षण और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जब उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात आती है, तो सरकार की जवाबदेही कहां नजर आती है? यदि संरक्षित क्षेत्र में चीता शावक की मौत होती है और उसके शरीर में छर्रे मिलने की बात सामने आती है, तो यह पूरे वन्यजीव सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?
सिंघार ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, मुख्यमंत्री जी, पिंजरा खोलकर स्टंट करना जानते हैं, लेकिन चीतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं। इस लापरवाही का जवाब कौन देगा और दोषियों पर कार्रवाई कब होगी? उन्होंने मांग की कि चीता शावक की मौत के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

