नाशिक: महाराष्ट्र के नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ महाकुंभ मेले का औपचारिक आगाज हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रामकुंड में ध्वजारोहण और स्तंभ पूजन कर मेले की शुरुआत की। इस आयोजन में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ध्वजारोहण और स्तंभ पूजन किया
शनिवार दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर राष्ट्रपति मुर्मू ने नाशिक के रामकुंड में ध्वजारोहण और स्तंभ पूजन किया। यह महाकुंभ महाराष्ट्र के दो प्रमुख धार्मिक शहरों नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में हर 12 साल में आयोजित होता है। इस दौरान श्रद्धालु गोदावरी नदी में पवित्र स्नान करते हैं। नाशिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है।
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गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र भी सौंपा जाएगा
दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालुओं के नासिक और त्र्यंबकेश्वर आने की उम्मीद है। इसी कार्यक्रम में शंखनाद में बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र भी सौंपा जाएगा।
इससे पहले शुक्रवार को नासिक में महाध्वज ग्राम परिक्रमा निकाली गई। राष्ट्रपति भवन के बयान के मुताबिक, वे इस मौके पर कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगी।

