नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन का जन महाभियोग कार्यक्रम शनिवार को दिल्ली में शुरू हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार अध्यक्षता कर रही हैं। इस कार्यक्रम में कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की अनुमति के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किया गया और जानबूझकर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए।
खड़गे ने लगाए छह बड़े आरोप
खड़गे ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं।
1. मतदाता सूची से बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए।
2. संसद की अनुमति के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किया गया।
3. SIR की प्रक्रिया और उसके डिजाइन में कई खामियां हैं।
4. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करीब 40 लाख नए मतदाता जोड़ने को लेकर सवाल उठाए।
5. कर्नाटक में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया।
6. चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा देने वाले दिसंबर 2023 के कानून पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने की मांग की।
खड़गे ने कहा कि विपक्ष की किसी भी अधिकारी से निजी दुश्मनी नहीं है। उनकी लड़ाई मतदाताओं के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले संसद में भी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।
मीरा कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र समानता के सिद्धांत पर आधारित है। देश में हर वयस्क नागरिक को वोट देने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में मतदाता सूची से लोगों के नाम अनुचित तरीके से हटाए जा रहे हैं और इस पर पारदर्शिता के साथ जवाब नहीं दिया जा रहा।
वोटर लिस्ट से नाम कटने वाली महिला ने बताई परेशानी
कार्यक्रम में दिल्ली की अनीता जायसवाल भी पहुंचीं। उन्होंने दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। अनीता ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर और सिंगल मदर हैं। उन्होंने कहा कि वोटर आईडी से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर उनकी बेटी को स्कूल में स्कॉलरशिप मिल रही है। अब नाम कटने के बाद उन्हें कई तरह की परेशानियों का डर है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहां जाना चाहिए।
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राहुल गांधी के संबोधन पर भी नजर
इस जन महाभियोग कार्यक्रम में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, शशि थरूर और INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में राहुल गांधी के संबोधन की भी तैयारी है। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

