हैदराबाद: गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में शामिल हुए।शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने घुसपैठिया बचाओ रैली की। वे कहते हैं, 13 करोड़ वोट काट दिए गए। वे झूठ बोल रहे हैं। 13 करोड़ में से सवा 6 करोड़ वोट ऐसे हैं, जो दूसरी जगह रहने चले गए। क्या ऐसे लोगों को दो वोट देने का अधिकार है? करीब 3 करोड़ लोगों की मृत्यु हो गई। कांग्रेस पार्टी बोगस वोटों चुनाव हथियाना चाहती है।
घुसपैठिए कांग्रेस के वोट बैंक
कांग्रेस पार्टी SIR को रोककर देश की मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है। ये घुसपैठिए उनके वोट बैंक हैं। राहुल जी जितना जोर लगाना है लगा लो, भाजपा एक-एक घुसपैठिए को देश और वोटर्स लिस्ट से बाहर निकालकर दम लेगी। 3 करोड़ वोट ऐसे हैं जो हैं ही नहीं। ये बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं।
2014 और 2019 में क्या SIR हुआ था
राहुल जी कहते हैं कि हम (भाजपा) SIR से जीते। जरा बताओ क्या 2014 में SIR हुआ था। 2019 में जीते तब भी SIR नहीं हुआ था। 2024 में भी जीते, उसके बाद महाराष्ट्र हरियाणा, दिल्ली बिहार, बंगाल, असम जीते। अब तेलंगाना भी जीतने वाले हैं। राहुल जी 2024 के बाद हम महाराष्ट्र में जीते, सबसे बड़े बहुमत के साथ हरियाणा में जीते, 30 साल बाद दिल्ली में जीते। बंगाल में दीदी का सूपड़ा साफ हो गया।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
शाह बोले राहुल जी, दो दिन पहले आपने मॉक पार्लियामेंट की थी, अगर मुझसे पूछा होता तो मैं कहता कि ये नकली संसद में आप एक बार पीएम बन जाओ, क्योंकि असली संसद में वे कभी बन नहीं पाएंगे, ताकि सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाए।
दिल्ली में विपक्ष की रैली के खिलाफ भाजपा का मार्च
INDIA ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली के विरोध में भाजपा ने रविवार को भी दिल्ली समेत देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला था। दिल्ली में हरि नगर से तिलक नगर तक करीब एक किमी लंबा मार्च निकाला गया।
इसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार और सिख समुदाय के लोग शामिल हुए। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान में SIR के खिलाफ रैली के लिए 1 नवंबर का दिन जानबूझकर चुना है। 1 नवंबर 1984 को सिख विरोधी हिंसा हुई थी।
SIR के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट में भी
12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, RJD, वाम दलों और अन्य विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इसी दिन 12 पार्टियों के 13 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई।

