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एमपी में मंदिरों की जमीन से होगी कमाई, उज्जैन में कृष्ण पर बनेगी हाईटेक लाइब्रेरी

भोपाल: मध्यप्रदेश में अब मंदिरों की जमीनों से आय बढ़ाने की तैयारी है। सरकार इन जमीनों पर खेती और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की कार्ययोजना बनाएगी। वहीं, उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की कार्यसमिति की बैठक में ये निर्देश दिए।

कृष्ण पर शोध के लिए बनेगी हाईटेक लाइब्रेरी

उज्जैन में बनने वाली रिसर्च लाइब्रेरी में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, विचारों और उनसे जुड़े स्थलों पर शोध किया जाएगा। यहां दुर्लभ पांडुलिपियों और शोध पत्रों को संरक्षित करने के साथ अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित वृत्तचित्र, नाटक और संगीत कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए अलग डिजिटल मंच और यूट्यूब चैनल शुरू करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के विचार आज भी जीवन प्रबंधन, अर्थव्यवस्था, कृषि और गौ-संवर्धन जैसे विषयों में प्रासंगिक हैं। इन विषयों पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर विचार सत्र और संगोष्ठियां आयोजित की जानी चाहिए।

मंदिरों की जमीन से आय बढ़ाने पर जोर

बैठक में मंदिरों के स्वामित्व वाली जमीनों के बेहतर उपयोग का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जमीनों का उपयोग मंदिरों की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इसके लिए कृषि और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।

बड़े मंदिरों की आय का एक हिस्सा आसपास की गौशालाओं और वृंदावन गांवों की व्यवस्थाएं सुधारने पर खर्च करने का सुझाव भी दिया गया। इससे मंदिरों की आय का उपयोग धार्मिक गतिविधियों के साथ स्थानीय व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में किया जा सकेगा।

कृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी। प्रदेश में ऐसे कई स्थान हैं, जिनका संबंध भगवान श्रीकृष्ण से रहा है। इन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालु इनसे जुड़ सकें।

इन स्थानों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मंदिरों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और बेहतर प्रबंधन किया जाएगा। इस काम में कृष्ण भक्ति से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा। मंदिरों में मौजूद जल संरचनाओं के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए जल गंगा अभियान के तहत काम कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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3200 से ज्यादा मंदिरों के रखरखाव की योजना

बैठक में श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, प्रवेश द्वारों के निर्माण और श्रीकृष्ण पाथेय से जुड़ी जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम के विकास और जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन भी हो चुका है।

इसके अलावा नारायण धाम महिदपुर, श्रीकृष्ण धाम छतरपुर, जानापाव महू (इंदौर), अमझेरा (धार), मां जागेश्वरी लोक (चंदेरी), श्रीकृष्ण राधा लोक (पन्ना) और रायसेन जिले की जमगढ़ पहाड़ियों में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

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